ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जीत के लिए 282 रनों का दिया लक्ष्य

ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जीत के लिए 282 रनों का लक्ष्य दिया है। लॉर्डस में खेले जा रहे फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 207 के स्कोर पर सिमट गई। मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड ने दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों को काफी परेशान किया। ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में 73 के स्कोर पर सात विकेट गंवा दिए थे लेकिन उसके बाद स्टार्क ने एलेक्स कैरी के साथ 61 रन और अंतिम विकेट के लिए हेजलवुड के साथ मिलकर 135 गेंद में 59 रन जोड़े, जिससे ऑस्ट्रेलिया की टीम मैच में वापसी करने में सफल रही।
 
ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज मिचेल स्टार्क अंतिम तक डटे रहे। उन्होंने दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए। स्टार्क 136 गेंद में 58 रन बनाकर नाबाद लौटे। उन्होंने अपनी पारी में 5 चौके लगाए। ऑस्ट्रेलिया ने दिन की शुरुआत आठ विकेट पर 144 रन से की और कागिसो रबाडा ने दिन के तीसरे ओवर में ही नाथन लियोन (दो) को पगबाधा कर उसे नौवां झटका दिया। लियोन ने मैदानी अंपायर के फैसले के खिलाफ डीआरएस का इस्तेमाल किया लेकिन उन्हें इसका कोई फायदा नहीं हुआ। स्टार्क और हेजलवुड ने इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसाते हुए 135 गेंदों में 59 रन की साझेदारी की। एडेन मारक्रम ने ऑस्ट्रेलिया की पारी के 65वें ओवर में केशव महाराज के हाथों हेजलवुड को कैच कराकर ऑस्ट्रेलिया की पारी को खत्म किया जिसके बाद अंपायरों ने लंच की घोषणा कर दी।

स्टार्क की मैराथन पारी
स्टार्क ने तीन घंटे से अधिक की पारी में 136 गेंद का सामना कर पांच चौके लगाये। वह बृहस्पतिवार को जब क्रीज पर उतरे थे उस समय ऑस्ट्रेलिया की टीम 73 रन पर सात विकेट गंवा कर मुश्किल स्थिति में थी। उन्होंने एलेक्स कैरी के साथ आठवें विकेट के लिए 61 रन की साझेदारी करने के बाद आखिरी विकेट के लिए 59 रन जोड़ कर मैच में ऑस्ट्रेलिया की स्थिति बेहद मजबूत कर दी।

स्टार्क और हेजलवुड टेस्ट क्रिकेट में दसवें विकेट के लिए तीन बार पचास से अधिक की साझेदारी करने वाली दूसरी जोड़ी है, उनसे पहले यह उपलब्धि बीजे वाटलिंग और ट्रेंट बोल्ट ने हासिल की थी। दिन की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के निचले क्रम के बल्लेबाजों को दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों ने परेशान किया। स्टार्क और हेजलवुड को किस्मत का भी साथ मिला जब गेंद बल्ले के करीब से निकली या बल्ले का किनारा लेते हुए क्षेत्ररक्षकों से दूर रही।

हेजलवुड ने भी स्टार्क का साथ अच्छे से दिया और अपनी बल्लेबाजी तकनीक से प्रभावित करते हुए 53 गेंद की पारी में दो चौके लगाये। मार्को यानसेन की गेंद स्टार्क के बल्ले का किनारा लेते हुए स्लिप के ऊपर से चार रनों के लिए चली गयी जिससे उन्होंने टेस्ट में अपना 11वां अर्धशतक पूरा किया और टीम के स्कोर को 200 रन तक पहुंचाया। आखिरी विकेट चटकाने के लिए दक्षिण अफ्रीका के कप्तान तेम्बा बावुमा ने तेज गेंदबाजों को आजमाने के बाद केशव महाराज को गेंदबाजी दी। महाराज भी टीम को सफलता दिलाने में नाकाम रहे जिसके बाद मारक्रम को गेंद थमाई गयी। इस कामचलाऊ स्पिनर का पहला ओवर मेडन रहा लेकिन उनके दूसरे ओवर की आखिरी गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में हेजलवुड महाराज को कैच दे बैठे। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के कप्तान कमिंस ने 6/28 का शानदार प्रदर्शन किया। लॉर्ड्स में टेस्ट कप्तान के तौर पर यह उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी के 212 रन के जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम महज 138 रन पर ढेर हो गई। इस तरह से उनकी टीम को 74 रन की बढ़त मिल गई।

 

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