रक्तदान को जन-आंदोलन बनाने वाले टेक्नीशियन राठौड़ की सराहना की

भोपाल 

उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि रक्तदान महादान है। रक्तदान से कई ज़िंदगियों को बचाया जा सकता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे अधिकाधिक संख्या में स्वैच्छिक रक्तदान कर इस मानवीय अभियान को सशक्त बनाएं। रक्तदान किसी व्यक्ति को जीवनदान देने जैसा है। उन्होंने आह्वान किया कि रक्तदान को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं और नियमित रूप से रक्तदान करके मानवता के इस यज्ञ में भागीदार बनें।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रक्तदान केवल रक्त नहीं, बल्कि आशा, विश्वास और जीवन का प्रतीक होता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अलीराजपुर ब्लड बैंक में कार्यरत टेक्नीशियन श्री परमल सिंह राठौड़ के रक्तदान को जन-आंदोलन बनाने में सक्रिय भूमिका की सराहना की है। उन्होंने कहा कि श्री राठौड़ जैसे समर्पित स्वास्थ्यकर्मी हमारे समाज के सच्चे नायक हैं। जिन्होंने रक्तदान को जन आंदोलन बनाया। उन्होंने कार्य-निष्ठा, पारदर्शिता और सेवाभाव का जो आदर्श प्रस्तुत किया है, वह सम्पूर्ण स्वास्थ्य तंत्र के लिए प्रेरणास्रोत है।

5 वर्षों में 18 हज़ार से अधिक यूनिट रक्त की पूर्ति से अलीराजपुर रक्तदान में बना आत्मनिर्भर

उल्लेखनीय है कि टेक्नीशियन श्री राठौड़ ने अलीराजपुर ब्लड बैंक में समर्पण और अनुकरणीय सेवा से जिले में रक्तदान को जनआंदोलन बनाया। आर्मी की नौकरी छोड़कर स्वास्थ्य विभाग में आए श्री राठौड़ ने बीते 5 वर्षों में 18 हज़ार से अधिक यूनिट रक्त की पूर्ति कर, पूरे जिले को रक्तदान के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया। उन्होंने ब्लड बैंक के लाइसेंस को रिन्यू कराया साथ ही 10 वर्षों से अधिक का रिकॉर्ड डिजिटल रूप में व्यवस्थित किया। चाहे आधी रात हो या दूरस्थ क्षेत्र, उनका पहला कर्तव्य मरीजों को जीवनरक्षक रक्त उपलब्ध कराना रहा। उनके प्रयासों से एक ही छत के नीचे 700 से अधिक रक्तदाताओं का सफल पंजीकरण और 2 हजार यूनिट से अधिक रक्त संग्रह किया गया। इस उपलब्धि से अलीराजपुर ज़िला पूरे प्रदेश में जनहित का उत्कृष्ट उदाहरण बना।

वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 7 लाख 61 हज़ार यूनिट रक्त किया गया संग्रहित

मध्यप्रदेश में वर्तमान में 67 शासकीय सहित कुल 174 ब्लड सेंटर संचालित हैं। वर्ष 2024-25 में प्रदेश भर में 5 हजार 283 रक्तदान शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 7 लाख 61 हज़ार यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। इसमें 7 लाख 41 हजार 460 पुरुषों और 20 हजार 323 महिलाओं ने स्वैच्छिक रक्तदान कर समाज को नई ऊर्जा दी। यह संग्रहण गत वर्षों की तुलना में लगभग 2 लाख यूनिट अधिक है, जो प्रदेश की जनजागरूकता और सेवा भावना का प्रमाण है।

प्रदेश में गर्भवती महिलाओं, सिकल सेल एनीमिया, थैलीसिमिया, हिमोफिलिया, कैंसर तथा अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को रिप्लेसमेंट फ्री और नि:शुल्क रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों में भी रक्त की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 118 ब्लड स्टोरेज यूनिट्स को चिन्हित कर ब्लॉक स्तर पर क्रियाशील किया गया है। साथ ही, संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए एनएटी तकनीक द्वारा वर्ष 2024-25 में 84 हजार 074 यूनिट रक्त की जांच कर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराया गया। प्रदेश के ब्लड सेंटरों में 25 ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट्स का संचालन भी प्रारंभ किया गया है।

 

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