कारोबारी राजा के मर्डर केस में एक और ट्विस्ट! सोनम की कहानी में नया किरदार हुआ गिरफ्तार, जानिए कौन?

 इंदौर / ग्वालियर 

राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में गिरफ्तार किए गए लोकेन्द्र सिंह तोमर को आज ग्वालियर की जिला कोर्ट मे पेश किया जाएगा, जहां शिलांग पुलिस ट्रांजिट रिमांड की मांग करेगी. लोकेन्द्र पर सोनम का बैग ठिकाने लगाने का आरोप है, जिसमें रुपये और पिस्टल थी.
क्राइम ब्रांच ने लोकेंद्र को पकड़ा

राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में लोकेंद्र तोमर के नाम का खुलासा प्रॉपर्टी कारोबारी ने एसआईटी की पूछताछ के दौरान किया था. ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने एसआईटी से मिले इनपुट के बाद लोकेंद्र को ग्वालियर ग्वालियर के गांधी नगर स्थित उसके फ्लैट से हिरासत में लिया था. 
बैग में रखी पिस्टल, कैश-मोबाइल कहां?

हत्याकांड की जांच कर रही एसआईटी के अधिकारी सोमवार रात ग्वालियर पहुंच गए. एसआईटी की एक और टीम भी आएगी. एसआईटी के अधिकारियों ने लोकेंद्र से बैग के अंदर के सामान के बारे में पूछताछ की. एसआईटी को सोनम-राजा के मोबाइल, बैग में रखा कैश, पिस्टल और कुछ दस्तावेज के बारे में एक-एक डिटेल चाहिए. इस बीच रात को एसआईटी ने बिल्डर के फ्लैट की तलाशी भी ली है.

रविवार को एसआईटी की टीम और FSL ने सोनम रघुवंशी का बैग जलाने वाले शिलोम जेम्स को लेकर इंदौर के हरे कृष्ण विहार कॉलोनी पहुंची. FSL इंदौर ने जले हुए बैग के टुकड़े और सोनम के सामान के जले हुए टुकड़े को फोरेंसिक जांच के लिए एकत्र किए.

बता दें कि सोनम रघुवंशी ने 8 जून को यूपी के गाजीपुर में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था, जबकि पुलिस ने चार अन्य आरोपियों को मध्य प्रदेश और यूपी के विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया. सोनम अपने कथित प्रेमी राज कुशवाह के साथ मिलकर अपने पति राजा की हत्या की साजिश रचने की आरोपी है.

अब शिलांग पुलिस ने शहर के पड़ाव थाना क्षेत्र के गांधी नगर इलाके में स्थित NK प्लाजा से लोकेंद्र तोमर नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया है. जानकारी के मुताबिक लोकेंद्र सिंह तोमर ने सोनम रघुवंशी की मदद की थी और उसके बैग के 5 लाख रुपये और पिस्तौल लोकेंद्र के पास ही हैं. क्योंकि लोकेंद्र ने ही सोनम का बैग जलाने के लिए कहा था. लेकिन सवाल ये है कि ये लोकेंद्र तोमर कौन है?
कौन है लोकेंद्र सिंह तोमर?

लोकेंद्र तोमर… गांधीनगर NK प्लाजा के फ्लैट नंबर 105 में रहता है. लोकेंद्र एक बिल्डर है, जो काफी समय से ये काम करता है. धीरे-धीरे लोकेंद्र को कारोबार में तरक्की मिली और उसका कारोबार फैलता चला गया. ऐसे में वह ग्वालियर से इंदौर शिफ्ट हो गया. इसके बाद ग्वालियर में लोकेंद्र कभी-कभी अपने परिवार से मिलने आता था. इंदौर में जिस बिल्डिंग में राजा की हत्या करने के बाद सोनम रुकी थी. वह बिल्डिंग लोकेंद्र तोमर की ही है. लोकेंद्र ने शिलोम जेम्स को ये बिल्डिंग किराए पर दी थी.
5 लाख रुपये और पिस्तौल कहां गई?

शिलोम जेम्स को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. उसी ने आरोपी विशाल चौहान को लोकेंद्र का फ्लैट किराए पर दिलवाया था. जब सोनम को शिलांग पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. तभी लोकेंद्र ने शिलोम्स से सोनम का बैग जलाने के लिए कहा था. लेकिन बैग के अंदर के 5 लाख रुपये और पिस्तौल कहां गई. ये किसी को नहीं पता था. इसी बारे में पूछताछ के लिए पुलिस ने लोकेंद्र को गिरफ्तार किया है.
SIT पूछताछ में सामने आया नाम

लोकेंद्र का नाम का खुालास शिलोम्स ने उस वक्त किया था, जब उससे SIT पूछताछ कर रही थी. हत्याकांड में लोकेंद्र तोमर का नाम आने के बाद वह लोकल पुलिस से बच रहा था. लेकिन सोमवार को क्राइम ब्रांच ने उसके फ्लैट पर छापा मारकर कार्रवाई की और उसे वहां से पकड़ लिया. पुलिस के उसे पकड़ कर ले जाने का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है.
फ्लैट पर परिवार से मिलने आता था

उसके फ्लैट के गार्ड ने बताया कि 4 से 5 लोग सिविल ड्रेस में आए थे, जिनके साथ एक महिला भी थी. वह लोकेंद्र को उठाकर ले गए थे. उसके फ्लैट की तलाशी भी ली गई है. इसके साथ ही उनके पड़ोसी का कहना है कि लोकेंद्र 3 साल से इंदौर में रह रहा था. ग्वालियर में अपने फ्लैट पर परिवार से मिलने आता था, जिस मल्टी NK प्लाजा में लोकेंद्र तोमर रहता था. उसी मल्टी समिति का अध्यक्ष भी था. अध्यक्ष होने के नाते लोकेंद्र तोमर ग्वालियर आता था.

सोनम की कहानी में नया किरदार हुआ गिरफ्तार, जानिए कौन?
इंदौर कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में सोमवार (23 जून) को मेघालय पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान ग्वालियर निवासी लोकेन्द्र सिंह तोमर के रूप में हुई है, जो उस फ्लैट का मालिक है जिसमें हत्या के बाद फरार हुई सोनम रघुवंशी इंदौर में छिपी थी. 

पुलिस का कहना है कि तोमर ने सबूतों को नष्ट करने और छिपाने में अहम भूमिका निभाई. इस गिरफ्तारी के साथ मामले में अब तक कुल 8 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें सोनम, उसका प्रेमी राज कुशवाहा और 3 सुपारी किलर शामिल हैं.

मेघालय पुलिस ने दी ये जानकारी
मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स जिले के एसपी वी सिएम ने बताया कि हत्या की जांच के लिए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) पिछले दिनों मध्य प्रदेश पहुंची थी. वहीं से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने फ्लैट मालिक लोकेन्द्र सिंह तोमर को पकड़ा. इससे पहले शनिवार और रविवार को इंदौर से एक प्रॉपर्टी डीलर और एक सुरक्षा गार्ड को भी गिरफ्तार किया गया था. इन दोनों पर सोनम को पनाह देने और पुलिस को गुमराह करने का आरोप है.

ये है हत्याकांड की पूरी टाइमलाइन
पुलिस के अनुसार, राजा रघुवंशी ने 11 मई को इंदौर में सोनम से शादी की थी और 20 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुए थे. 23 मई को वे सोहरा क्षेत्र में लापता हो गए थे, जो शिलांग से करीब 65 किमी दूर है. इसके बाद 2 जून को राजा का सड़ा-गला शव एक झरने के पास खाई में मिला था. जांच में खुलासा हुआ कि सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा और सुपारी किलरों के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी.

हत्या के बाद सोनम मेघालय से फरार हो गई थी. उसने असम, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश के रास्ते इंदौर तक की यात्रा की. 8 जून को सोनम ने उत्तर प्रदेश के गाज़ीपुर जिले में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था. वहीं बाकी चार आरोपियों को मध्यप्रदेश और यूपी के अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया. पुलिस इस केस की तह तक पहुंचने के लिए अब भी जांच कर रही है.
इंदौर कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में सोमवार (23 जून) को मेघालय पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान ग्वालियर निवासी लोकेन्द्र सिंह तोमर के रूप में हुई है, जो उस फ्लैट का मालिक है जिसमें हत्या के बाद फरार हुई सोनम रघुवंशी इंदौर में छिपी थी. 

पुलिस का कहना है कि तोमर ने सबूतों को नष्ट करने और छिपाने में अहम भूमिका निभाई. इस गिरफ्तारी के साथ मामले में अब तक कुल 8 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें सोनम, उसका प्रेमी राज कुशवाहा और 3 सुपारी किलर शामिल हैं.

मेघालय पुलिस ने दी ये जानकारी
मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स जिले के एसपी वी सिएम ने बताया कि हत्या की जांच के लिए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) पिछले दिनों मध्य प्रदेश पहुंची थी. वहीं से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने फ्लैट मालिक लोकेन्द्र सिंह तोमर को पकड़ा. इससे पहले शनिवार और रविवार को इंदौर से एक प्रॉपर्टी डीलर और एक सुरक्षा गार्ड को भी गिरफ्तार किया गया था. इन दोनों पर सोनम को पनाह देने और पुलिस को गुमराह करने का आरोप है.

ये है हत्याकांड की पूरी टाइमलाइन
पुलिस के अनुसार, राजा रघुवंशी ने 11 मई को इंदौर में सोनम से शादी की थी और 20 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुए थे. 23 मई को वे सोहरा क्षेत्र में लापता हो गए थे, जो शिलांग से करीब 65 किमी दूर है. इसके बाद 2 जून को राजा का सड़ा-गला शव एक झरने के पास खाई में मिला था. जांच में खुलासा हुआ कि सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा और सुपारी किलरों के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी.

हत्या के बाद सोनम मेघालय से फरार हो गई थी. उसने असम, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश के रास्ते इंदौर तक की यात्रा की. 8 जून को सोनम ने उत्तर प्रदेश के गाज़ीपुर जिले में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था. वहीं बाकी चार आरोपियों को मध्यप्रदेश और यूपी के अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया. पुलिस इस केस की तह तक पहुंचने के लिए अब भी जांच कर रही है.

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