LLB करने का सपना संजोए छात्र-छात्राओं के लिए अच्छी खबर, सीहोर पीएम श्री कॉलेज में अब होगी कानून की पढ़ाई

सीहोर 

कानून की पढ़ाई (एलएलबी) जिले में ही करने का सपना संजोए छात्र-छात्राओं के लिए अच्छी खबर है। उनकी यह मुराद इसी नवीन शिक्षा सत्र 2025-26 में पूरी होगी। सीहोर में लॉ कॉलेज भवन की स्वीकृति के बाद अब इसकी पढ़ाई कराने का रास्ता साफ हो गया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) से इसकी हरी झंडी मिल गई है। एक सप्ताह के अंदर प्रवेश लेने वालों के लिए आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत होगी। लॉ कॉलेज का नया भवन नहीं बनता, तब तक पीएमश्री एक्सीलेंस कॉलेज (पीजी कॉलेज) की बिल्डिंग में शिक्षा दी जाएगी।

लंबे समय से शासकीय पीएम श्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस चंद्रशेखर आजाद स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विधि संकाय की कक्षाओं में प्रवेश बंद कर दिया गया था। पूर्व में सीहोर कॉलेज में विधि की कक्षाएं संचालित हो रही थीं, लेकिन करीब एक दशक से कॉलेज प्रबंधन द्वारा लॉ की कक्षाएं संचालित करने की दिशा में ध्यान नहीं दिया गया। अब भारतीय विधि परिषद ने एक पत्र जारी कर बरकतउल्ला विश्वविद्यालय को निर्देश दिए हैं कि आगामी सत्र से कॉलेज में विद्यार्थियों को विधि की पढ़ाई का इंतजाम करें। नवीन शिक्षा सत्र में पहली बार प्रारंभ होने जा रही लॉ की पढ़ाई में 60 सीटों पर छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा। बीसीआई के असिस्टेंट सेक्रेटरी दीपक कुमार ने इस संबंध में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) भोपाल के रजिस्ट्रार और सीहोर पीजी कॉलेज के प्राचार्य को 20 जून 2025 को पत्र जारी कर दिया है। इसमें एलएलबी कोर्स प्रारंभ करने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का उल्लेख किया गया है।

पूरे जिले के बच्चों को मिलेगा लाभ
सीहोर ही नहीं बल्कि पूरे जिले के लिए लॉ की पढ़ाई का आरंभ होना एक बड़ी सौगात के रूप में देखा जा रहा है। वर्षों से संगठनों द्वारा शासकीय पीएम श्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस चंद्रशेखर आज़ाद अग्रणी महाविद्यालय (पीजी कॉलेज) में विधि संकाय प्रारंभ करने की मांग छात्र-छात्राओं द्वारा की जा रही थी। पीजी कॉलेज में विधि संकाय नहीं होने से कालापीपल, आष्टा, इछावर, भैरुंदा आदि क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। कुछ निजी कॉलेजों में विधि संकाय पढ़ाया जा रहा है, लेकिन वहां की शिक्षण शुल्क अधिक होने के कारण ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राएं विधि की पढ़ाई नहीं कर पा रहे थे। इससे उन्हें भोपाल, इंदौर या उज्जैन जाना पड़ता था। अब उनकी वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई है।

लॉ की पढ़ाई के लिए पहला कॉलेज 
सीहोर जिले में कुल 13 सरकारी कॉलेज हैं, लेकिन एक भी कॉलेज में लॉ की पढ़ाई नहीं होती थी। जिन छात्र-छात्राओं की विधि में रुचि होती थी, उन्हें अन्य शहरों का रुख करना पड़ता था, जिससे आर्थिक और मानसिक परेशानी होती थी। अब उन्हें जिले में ही पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा और वकालत करने का सपना पूरा हो सकेगा।

जुलाई अंत या अगस्त में तैयार होगा नया भवन
शासन से लॉ कॉलेज का नया भवन बनाने की स्वीकृति मिलने के बाद पिछले साल भोपाल-इंदौर हाईवे स्थित मानसिक पुनर्वास केंद्र के पास करीब 10 एकड़ जमीन पर निर्माण कार्य शुरू हुआ था। पीजी कॉलेज प्रबंधन के अनुसार नया भवन अंतिम चरण में है। यदि कोई समस्या नहीं आई, तो जुलाई या अगस्त के पहले सप्ताह में लॉ कॉलेज नए भवन में शिफ्ट हो जाएगा। यहां छात्रों को सभी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। निर्माण एजेंसी को इस संबंध में निर्देशित किया गया है।

अभी पीजी कॉलेज में होगी पढ़ाई
पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रोहिताश्व शर्मा ने बताया कि सीहोर में इसी सत्र से लॉ की पढ़ाई प्रारंभ होगी। जब तक नया भवन तैयार नहीं होता, तब तक पीजी कॉलेज की इमारत में ही कक्षाएं लगेंगी। प्रवेश प्रक्रिया एक सप्ताह में शुरू कर दी जाएगी। यह जिले के छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी सौगात है।  

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति