मध्यप्रदेश का सीपीपीपी मॉडल सहकारिता क्षेत्र में लाएगा नई क्रांति : मंत्री सारंग

भोपाल 
सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को विंध्याचल भवन स्थित सहकारिता आयुक्त कार्यालय में ‘सीपीपीपी निवेश प्रोत्साहन विंग’ का शुभारंभ किया। विंग में निवेशकों के लिए संपर्क एवं स्वागत कक्ष सहित संवाद एवं विमर्श का स्थान भी बनाया गया है, जहां निवेशक सिंगल विंडो के जरिए संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इस अवसर पर मंत्री श्री सारंग ने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था में सहकारिता का अहम योगदान है मध्यप्रदेश के सीपीपीपी मॉडल को पूरे देश में सराहना मिली है। इस मॉडल से संपूर्ण सहकारिता जगत में नई क्रांति आयेगी। उन्होंने कहा कि सीपीपीपी विंग सहकारी समितियों, किसानों और निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने के लिये कार्य करेगा। यह विंग निवेश से जुड़ी अनुमतियों, प्रक्रियाओं और मार्गदर्शन के लिए एकीकृत मंच प्रदान करेगा। अब सहकारी बैंकों, समितियों, किसानों और निजी उद्यमियों के बीच एमओयू की प्रक्रिया को सुगम बनाया जाएगा।

विकसित भारत 2047 में सहकारिता की अहम भूमिका
मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सहकारिता क्षेत्र की अहम भूमिका है। ‘सहकार से समृद्धि’ की परिकल्पना को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में साकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का सीपीपीपी मॉडल पूरे देश में अनुकरणीय पहल के रूप में उभरा है।

मध्यप्रदेश का सीपीपीपी मॉडल सहकारिता क्षेत्र में लाएगा नई क्रांति
मंत्री श्री सारंग ने कहा कि सहकारी संस्थाओं की उपयोगिता को देखते हुए ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में “सहकारी सार्वजनिक निजी भागीदारी” सीपीपीपी की अवधारणा की सोच को क्रियान्वित किया गया। इसके तहत रिलायंस, वैद्यनाथ, मैजेस्टिक बासमती राइस जैसी बड़ी कंपनियों के साथ लगभग 2305 करोड़ के 19 एमओयू सहकारी संस्थाओं के साथ निष्पादित किये गये। उन्होंने कहा कि सीपीपीपी मॉडल किसान, पैक्स और निवेशकों के हित में हैं। इससे किसानों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। इससे पैक्स की आर्थिक गतिविधियों में विविधता और विस्तार आएगा निजी निवेशकों को गुणवत्ता युक्त कच्चा माल स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगा।

सीपीपीपी मॉडल को अपनायेगी केंद्र सरकार
मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश के सीपीपीपी मॉडल की प्रशंसा केंद्र सरकार द्वारा भी की गई है और भविष्य में इसे राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया जा सकता है। यह मॉडल सहकारिता जगत में नई क्रांति का आगाज करेगा। उन्होंने कहा कि सीपीपीपी मॉडल से सहकारी संस्थाओं की आय में वृद्धि होगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध कच्चे माल (सामग्री) सहकारी संस्थाओं के माध्यम से निजी संगठनों को उपलब्ध करवाया जा सकेगा जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

उच्चाधिकारियों और निवेशक प्रतिनिधियों की उपस्थिति
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री अशोक वर्णवाल, सहकारिता आयुक्त एवं पंजीयक श्री मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक विपणन संघ श्री आलोक कुमार सिंह, उप सचिव श्री मनोज सिन्हा सहित रिलाइंस, मैजेस्टिक बासमती राइस, मशरूम वर्ल्ड, प्रतिभा सिंटेक्स कंपनियों के प्रतिनिधि और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। विंग के नोडल अधिकारी श्री अंबरीश वैद्य ने आभार माना।

 

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