शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 9 हजार से अधिक बच्चों को मिला मनचाहे विद्यालयों में प्रवेश

भोपाल

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आयोजित की गई द्वितीय चरण की ऑनलाइन लॉटरी में 9 हजार 190 बच्चों को उनकी पसंद के निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश प्राप्त हुआ है। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र हरजिंदर सिंह ने बुधवार को भोपाल में आरटीई के तहत निजी विद्यालयों की प्रथम प्रवेशित कक्षा में वंचित समूह और कमजोर वर्ग के बच्चों के निःशुल्क प्रवेश के लिये ऑनलाइन लॉटरी का बटन क्लिक किया।

इस लॉटरी प्रक्रिया में उन बच्चों को शामिल किया गया था, जिन्हें प्रथम चरण की लॉटरी में उनकी पंसद के स्कूल आवंटित नही हो सके थे। ऐसे बच्चों को निजी विद्यालयों की रिक्त सीटों अनुसार द्वितीय चरण की लॉटरी के लिये अपनी वरीयता अंकित करते हुए आवेदन करने का एक और अवसर प्रदान किया गया था। द्वितीय चरण की लॉटरी में बच्चों को उनकी चुनी गई वरीयता के आधार पर निजी विद्यालयों में सीट का आवंटन 25 जून को ऑनलाइन लॉटरी की स्वचालित कंप्यूटर प्रक्रिया द्वारा किया गया। इनमें से 5 हजार 128 बच्चे ऐसे हैं, जिन्हें उनके द्वारा चयनित प्रथम वरीयता वाले स्कूलों में प्रवेश मिला है।

संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र हरजिंदर सिंह ने लॉटरी में चयनित बच्चों को उनकी पसंद का स्कूल आवंटित होने पर बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था निर्मित करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग और मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन टीम की प्रशंसा भी की।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष आरटीई के तहत लॉटरी के लिए दस्तावेज सत्यापन के उपरांत एक लाख 66 हज़ार 751 बच्चे पात्र हुए थे, जिनमें से 83 हजार 483 बच्चों को प्रथम चरण की ऑनलाइन लॉटरी में उनके द्वारा चयनित स्कूलों का आवंटन किया जा चुका है। बुधवार को आयोजित हुई द्वितीय चरण की लॉटरी में 9 हजार 190 और बच्चों को उनकी पसंद के निजी विद्यालयों में प्रवेश आवंटन प्राप्त हुआ है। इस प्रकार इस वर्ष शैक्षणिक सत्र 2025-26 में आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश आवंटन प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 92 हजार 673 हो गई है। जिन बच्चों को आज इस ऑनलाइन लॉटरी में स्कूल का आवंटन हो रहा है, उन्हें उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस माध्यम से भी सूचना दी जा रही है। बच्चे उनके आवंटित स्कूलों में 30 जून तक जाकर प्रवेश ले सकेंगे। इन बच्चों की फीस राज्य सरकार द्वारा नियमानुसार सीधे स्कूल के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी। इस ऑनलाइन लॉटरी में विभिन्न प्रायवेट स्कूलों की नर्सरी कक्षा में 6 हजार 331, केजी-1 में एक हज़ार 895 और कक्षा पहली में 964 बच्चों को नि:शुल्क प्रवेश के लिये सीटों का आवंटन हुआ है।

इस अवसर पर अपर संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र शीतांशु शुक्ला, नियंत्रक आरटीई सचिन तिवारी, डॉ. आशीष भारती, पंकज श्रीवास्तव और तकनीकी सहयोगी विभाग एमपीएसईडीसी के अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

 

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