मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी तरह का उपद्रव, झगड़ा, विवाद या अव्यवस्था फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

लखनऊ 
सावन महीने में होने वाली कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था की कमान सीएम योगी खुद संभाल रहे हैं. गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट से बिजनौर तक हेलीकॉप्टर द्वारा पूरे यात्रा मार्ग का उन्होंने हवाई निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और धार्मिक भावना के सम्मान में कोई कमी न रह जाए.

मुख्यमंत्री  साफतौर पर कहा कि कि यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की श्रद्धा और विश्वास का विषय है. ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से यात्रा की पवित्रता बनाए रखने पर बल दिया. उन्होंने दो टूक कहा कि जो भी व्यक्ति खानपान की वस्तुओं को दूषित करने या श्रद्धालुओं की भावनाओं का अपमान करने जैसा कोई भी निंदनीय प्रयास करेगा, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए और संबंधित आरोपियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज किया जाए. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी स्थिति में यात्रा का वातावरण बिगड़ना नहीं चाहिए.

अव्यवस्था फैलाने वालों को नहीं मिलेगी रियायत

मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी तरह का उपद्रव, झगड़ा, विवाद या अव्यवस्था फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और श्रद्धालुओं को कहीं कोई असुविधा न हो. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जो भी व्यक्ति व्यवस्था में खलल डालने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. साथ ही उन्होंने जोर दिया कि कांवड़ मार्ग पर पुलिस की सतत निगरानी और पर्याप्त बल की तैनाती हो.

श्रद्धालुओं के लिए पूरी हो व्यवस्था

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि सभी जिलों में कांवड़ मार्ग पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए जल्द से जल्द काम किया जाए. सीएम ने कहा कि  टेंट, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं, मोबाइल शौचालय, और एंबुलेंस जैसी व्यवस्थाओं को हर हाल में प्राथमिकता दी जानी चाहिए.. उन्होंने यह भी कहा कि जहां-जहां कांवड़िए रुकते हैं, वहां साफ-सफाई, साफ पेयजल और ठहरने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए. साथ ही, यात्रा मार्ग पर उचित विद्युत व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, बैरिकेडिंग और साइनबोर्ड लगाए जाएं ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो.

स्वयंसेवी संस्था भी बनें हिस्सा 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि इस यात्रा में स्वयंसेवी संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और सामाजिक समूहों की सहभागिता को भी सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं की सहभागिता से न केवल व्यवस्थाएं बेहतर होंगी, बल्कि जनसहयोग का संदेश भी जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि  समाज के सहयोग से व्यवस्था और मजबूत होगी. सेवा का भाव ही इस यात्रा की आत्मा है.  मुख्यमंत्री ने कहा कि लाखों की संख्या में श्रद्धालु उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से हरिद्वार और गंगा नदी से जल लाकर शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए आते हैं. यह यात्रा कई जिलों से होकर गुजरती है. इसलिए सभी संबंधित जिलों के प्रशासन को समन्वय बनाकर कार्य करना होगा. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. गर्मी और बारिश को ध्यान में रखते हुए उनके लिए ठंडे पानी की व्यवस्था, प्राथमिक उपचार केंद्र, आराम स्थल और यातायात की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं.

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