विम्बलडन 2025: जोकोविच बाहर, अब खिताबी भिड़ंत में आमने-सामने होंगे स‍िनर और अल्कारेज

लंदन 

 व‍िम्बलडन 2025 का फाइनल किसके बीच होगा, इसकी तस्वीर साफ हो गई है. वसेमीफाइनल में इतालवी ख‍िलाड़ी जैन‍िक स‍िनर ने नोवाक जोकोव‍िच को मात दी. वहीं अन्य सेमीफाइनल में अमेर‍िकी टेलर फ्र‍िट्ज को स्पेन‍िश ख‍िलाड़ी कार्लोस अल्कारेज ने मात दी. 

अब व‍िम्बलडन 2025 का पुरुष वर्ग का का फाइनल ड‍िफेंड‍िंग चैम्प‍ियन कार्लोस अल्कारेज और नंबर 1 ख‍िलाड़ी जैन‍िक स‍िनर के बीच होगा. सिनर पहली बार व‍िम्बलडन के फाइनल में पहुंचे हैं. जहां इटली के नंबर 1 खिलाड़ी सिनर अब रविवार को होने वाले पुरुष सिंगल्स फाइनल में कार्लोस अल्कारेज के सामने होंगे. 

23 साल के जैन‍िक सिनर ने 38 साल के नोवाक जोकोविच को 6-3, 6-3, 6-4 से हराकर पहली बार व‍िम्बलडन फाइनल में जगह बना ली. दोनों के बीच यह मुकाबला महज 1 घंटे 55 मिनट तक चला. सिनर ने मैच में 36 शानदार शॉट (विनर्स) लगाए, 12 ऐस मारे और सिर्फ 2 डबल फॉल्ट किए. सर्व करते हुए उन्होंने पहली सर्व पर 81% और दूसरी सर्व पर 63% अंक जीते. 

वर्ल्ड नंबर 1 सिनर ने पूरे मैच पर कंट्रोल बनाए रखा और जीत के साथ फाइनल में जगह पक्की की. वहीं व‍िम्बलडन से पहले तक जैनिक सिनर और नोवाक जोकोविच के बीच आमने-सामने का रिकॉर्ड 5-3 का था, जिसमें सिनर ने अपने सबसे हालिया मुकाबले में जीत हासिल की थी. 

वहीं सिनर 2018 के बाद से विम्बलडन में नोवाक जोकोविच को हराने वाले कार्लोस अल्कारेज के बाद दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं. वैसे नोवाक जोकोव‍िच ने 7 बार व‍िम्बलडन का ख‍िताब जीता है. पहली बार उन्होंने 2011 में इस प्रत‍िष्ठ‍ित ट्रॉफी को अपने नाम किया, वहीं 2022 में उन्होंने आख‍िरी बार इस ट्रॉफी को जीता था. 

जैन‍िक स‍िनर बोले- व‍िम्बलडन फाइनल खेलने का यकीन नहीं था...
सेमीफाइनल में जीत के बाद जैन‍िक स‍िनर ने कहा- मुझे यकीन नहीं हो रहा, यह वही टूर्नामेंट है जिसे मैं बचपन में टीवी पर देखा करता था,  कभी सोचा भी नहीं था कि मैं यहां फाइनल खेलूंगा. यह एक शानदार अनुभव था,  मैं जानता हूं कि मैं और मेरी टीम कितनी मेहनत कर रहे हैं, आज मेरे पापा और भाई भी आए हैं, इसलिए यह पल और भी खास है. मेरी तरफ से देखा जाए तो आज मेरी सर्विस बहुत अच्छी रही, मेरी मूवमेंट भी आज बेहतर थी, मुझे लगता है कि हम सभी ने देखा, खासकर तीसरे सेट में, कि वह (जोकोविच) थोड़े इंजर्ड लग रहे थे, लेकिन मैंने खुद को शांत रखा और अपनी सबसे अच्छी टेनिस खेलने की कोशिश की. 

कार्लोस अल्कारेज लगातार तीसरी बार व‍िम्बलडन फाइनल में...
22 साल के कार्लोस अल्कारेज ने फ्रिट्ज को हराकर तीसरी बार फाइनल में जगह बनाई. दो बार के चैम्प‍ियन अल्कारेज ने वर्ल्ड नंबर 5 टेलर फ्र‍िट्ज को चार सेटों में  6-4, 5-7, 6-3, 7-6(6) से हराकर लगातार तीसरी बार व‍िम्बलडन फाइनल में जगह बनाई. वहीं उनकी व‍िम्बलडन में लगातार 20वीं जीत रही. 

कार्लोस अल्कारोज 2021 के बाद से व‍िम्बलडन में किसी टॉप-5 खिलाड़ी से नहीं हारे हैं. 2021 में जब वो सिर्फ 18 साल के थे और वर्ल्ड रैंकिंग में 75वें नंबर पर थे, तब उन्होंने पहली बार व‍िम्बलडन खेला था. लेकिन अब चार साल बाद, उन्होंने सेमीफाइनल में 6-4, 5-7, 6-3, 7-6(8) से जीत दर्ज कर लगातार तीसरी बार फाइनल में जगह बनाई.

सेमीफाइनल में जीत के बाद उन्होंने कहा- आज बहुत गर्मी थी, खेलने के लिए काफी मुश्किल हालात थे, लेकिन मैं आज अपने प्रदर्शन से बहुत खुश हूं. सेमीफाइनल में खेलना आसान नहीं होता, लेकिन मैंने नर्वसनेस को संभाला और शांत रहकर सोच समझकर खेला, इस बात पर मुझे गर्व है, 

अल्कारेज ने आगे कहा- मैं अपनी जीत की लय या रिकॉर्ड के बारे में सोचता ही नहीं हूं, मेरा सपना है कि मैं इन खूबसूरत कोर्ट्स पर खेलूं, दुनिया के सबसे शानदार टूर्नामेंट में टेनिस खेलना ही मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी है. 

 

 

admin

Related Posts

AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति