मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से आया राजधानी भोपाल में निवेश, केन्स इलेक्ट्रॉनिक्स स्थापित करेगी भोपाल में अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण इकाई

352 करोड़ के निवेश से सृजित होंगे 1000 से अधिक रोजगार के अवसर

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अग्रणी बनाने के प्रयास लगातार किये जा रहे है। इसी क्रम में केन्स इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड (KEMPL) द्वारा भोपाल के बड़वई आईटी पार्क में अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण इकाई की स्थापना की जा रही है। केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया लिमिटेड (KTIL) की इस अनुषांगिक कंपनी की यह इकाई लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में स्थापित की जाएगी। इसमें 352 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा और इससे 1000 से अधिक कुशल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इकाई में 2026 से उत्पादन शुरू होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार प्रदेश में उद्योग संवर्धन के लिए बनाई गई नीतियों में मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2025 भी शामिल है। यह नीति वैश्विक और देशी निवेशकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से बनाई गई है। राज्य सरकार की इंडस्ट्री-फ्रैंडली नीतियों, उत्कृष्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रशिक्षित मानव संसाधनों की उपलब्धता से इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्यूफैक्चरर्स प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित हो रहे हैं।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे ने कहा कि केन्स टेक्नोलॉजी की इकाई भोपाल में स्थापना होने से यह स्पष्ट है कि आईटी और संबंधित क्षेत्रों के लिये बनाई गई नीतियां उद्योग जगत को राज्य में निवेश के लिये आकर्षित कर रही है। केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया लिमिटेड के सीईओ श्री रघु पनिक्कर ने कहा कि मध्यप्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण इकाई की स्थापना करना कंपनी के लिए अत्यंत उत्साहजनक है। प्रदेश की सेमीकंडक्टर पॉलिसी और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सक्रिय सहयोग इकाई की स्थापना सुगम हो सकी है। नई इकाई से कंपनी वैश्विक मांग पूरा कर भारत की ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पॉवर को अधिक सशक्त करेगी।

देश में आठ उन्नत निर्माण इकाइयों का संचालन कर रही केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया लिमिटेड की भोपाल में स्थापित होने जा रही यह इकाई कंपनी का मध्य भारत में पहला बड़ा निवेश है। कंपनी ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, रक्षा, औद्योगिक, चिकित्सा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और अंतरिक्ष क्षेत्रों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाती है। इस परियोजना में सरफेस माउंट टेक्नोलॉजी (SMT) लाइनों की स्थापना की जाएगी, जो विभिन्न उद्योगों के लिए हाई-प्रेसीजन इलेक्ट्रॉनिक असेंबली और उत्पादों का निर्माण करेंगी। प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रयासों से सीसीआईपी (Collaborative Centre for Innovation and Policy) के माध्यम से इस इकाई की स्थापना हो रही है।

 

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