रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज के सुदृढ़ीकरण से विंध्य क्षेत्र के समग्र विकास को मिलेगी गति : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

समय की मांग अनुसार नवीन कोर्स करें संचालित
दीर्घकालिक विकास योजना पर विस्तृत चर्चा कर दिए निर्देश

रीवा

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज विंध्य क्षेत्र का एक प्रमुख तकनीकी शिक्षण संस्थान है, जिसकी सुदृढ़ता न केवल क्षेत्रीय तकनीकी शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाएगी, बल्कि विंध्य क्षेत्र के समग्र विकास को भी गति देगी। उन्होंने कहा कि रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज के तकनीकी सशक्तिकरण से आने वाले समय में विंध्य अंचल उच्च शिक्षा के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित होगा। यह संस्थान स्थानीय युवाओं की आकांक्षाओं को साकार करने के साथ-साथ प्रदेश की तकनीकी क्षमताओं को भी विस्तार देगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय, भोपाल में रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज की दीर्घकालिक विकास योजना पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा श्री विवेक पोरवाल एवं रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आर.पी. तिवारी उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने हेतु दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि शिक्षण गुणवत्ता के लिए योग्य शिक्षकों की भर्ती अहम है। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्तमान पाठ्यक्रम के विधिवत संचालन के लिए स्वीकृत पदों की पूर्ति के साथ नवीन पाठ्यक्रम के लिए विषय विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आधार उत्कृष्ट शिक्षण संकाय होता है। सभी विभागों में योग्य, अनुभवी एवं नवाचारोन्मुख फैकल्टी की शीघ्र भर्ती की जाए ताकि छात्रों को वैश्विक स्तर की तकनीकी शिक्षा मिल सके। इसके लिए रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज को विभाग आवश्यक सहयोग प्रदान करे। समय की मांग अनुसार नवीन कोर्स का संचालन करें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि प्रस्तावित योजनाओं को शीघ्र अनुमोदन की प्रक्रिया में लाया जाए।

प्राचार्य डॉ. तिवारी ने कॉलेज की 5 वर्षीय एवं 20 वर्षीय सुदृढ़ीकरण योजना प्रस्तुत की। उन्होंने 88.30 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक पाठ्यक्रमों की शुरुआत, अधोसंरचना विकास और अन्य सुविधाओं के विस्तार का रोडमैप प्रस्तुत किया। प्रस्तावित योजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिकल व्हीकल टेक्नोलॉजी, ऑटोमेशन एवं फायर टेक एंड सेफ्टी इंजीनियरिंग जैसे समसामयिक विषयों में 5 नवीन यूजी प्रोग्राम तथा साइबर सिक्योरिटी, कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी, डिजिटल कम्युनिकेशन, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीन डिजाइन, इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग, एडवांस प्रोडक्शन सिस्टम सहित 9 पीजी प्रोग्राम प्रारंभ किए जाने का प्रस्ताव शामिल है। साथ ही 17.53 करोड़ रुपये की लागत से सेंट्रल लाइब्रेरी, 12.33 करोड़ रुपए लागत से स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और 1.45 करोड़ रुपए लागत से इन्क्यूबेशन सेंटर के निर्माण कार्य विकास योजना में शामिल है।

 

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