ट्रंप के खुलासों पर गरमाई सियासत, राहुल गांधी ने PM मोदी को घेरा

नई दिल्ली

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बार फिर भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम कराने के दावे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर हमला बोला है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि ट्रंप ने 25वीं बार यह बयान दिया। पीएम मोदी इस पर मौन हैं। इससे लगता है दाल में कुछ काला है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता ने सवाल किया कि ट्रंप युद्ध विराम कराने वाले कौन होते हैं? प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर एक बार भी जवाब नहीं दिया है। प्रधानमंत्री कैसे बयान दे सकते हैं? वह क्या कहेंगे, ट्रंप ने संघर्ष विराम करवाया, वह ऐसा नहीं कह सकते। लेकिन यह सच्चाई है। ट्रंप ने संघर्ष विराम करवाया, पूरी दुनिया जानती है। यह वास्तविकता है।

संसद भवन परिसर में  राहुल गांधी ने कहा कि यह सिर्फ संघर्ष विराम का मामला नहीं है। कई बड़ी समस्याएं हैं जिन पर हम चर्चा करना चाहते हैं। रक्षा, रक्षा उद्योग, ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी समस्याएं हैं। स्थिति अच्छी नहीं है और पूरी दुनिया जानती है। जो लोग खुद को देशभक्त कहते हैं, वे भाग गए हैं। प्रधानमंत्री एक बयान भी नहीं दे पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ट्रंप 25 बार कह चुके हैं कि मैंने संघर्ष विराम करवाया। संघर्ष विराम करवाने वाले ट्रंप कौन होते हैं? यह उनका काम नहीं है। लेकिन प्रधानमंत्री ने एक बार भी जवाब नहीं दिया। यह सच्चाई है, वह इसे छिपा नहीं सकते। सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी के विदेश से लौटने पर ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करने की बात स्वीकार कर ली है।

राहुल गांधी ने कहा कि एक तरफ सरकार कहती है कि ऑपरेशन सिंदूर जारी है और दूसरी तरफ कहा जाता है कि जीत हासिल हो गई है। या तो जीत हासिल हो गई है या ऑपरेशन सिंदूर जारी है। ट्रंप कह रहे हैं कि मैंने ऑपरेशन सिंदूर रोक दिया, वह यह 25 बार कह चुके हैं। इसलिए कुछ न कुछ तो दाल में काला है। भारत की विदेश नीति को लेकर कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार ने हमारी विदेश नीति को नष्ट कर दिया है। किसी ने हमारा समर्थन नहीं किया।

कांग्रेस ने सरकार को घेरा
इससे पहले ट्रंप के दावे के बाद कांग्रेस ने एक बार फिर मोदी सरकार को घेरा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा कि एक ओर मोदी सरकार संसद में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर बहस की निश्चित तारीखें देने से इनकार कर रही है और प्रधानमंत्री के जवाब देने को लेकर भी कोई आश्वासन नहीं दे रही है। वहीं दूसरी ओर राष्ट्रपति ट्रंप इस मुद्दे पर अपने दावों के साथ सिल्वर जुबली तक पहुंच चुके हैं। पिछले 73 दिनों में राष्ट्रपति ट्रंप इस विषय पर 25 बार ढिंढोरा पीट चुके हैं, लेकिन भारत के प्रधानमंत्री अब तक पूरी तरह मौन हैं। उन्हें केवल विदेश यात्राओं और देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को अस्थिर करने के लिए ही समय मिल रहा है।

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