भीगने का शौक बन सकता है मुसीबत: जानें बारिश में होने वाली आम स्वास्थ्य समस्याएं और बचाव के उपाय

मानसून ने एक बार फिर ग्वालियर में दस्तक दी है। बुधवार को दिनभर रुक-रुक कर कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होती रही। हालांकि यह बारिश मौसम को सुहाना बना रही है, लेकिन इसके साथ ही त्वचा रोगों का खतरा भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। शहर के जेएएच अस्पताल में रैशेज, खुजली और स्किन इंफेक्शन की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है।

त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप शर्मा बताते हैं कि मानसून के मौसम में लंबे समय तक भीगे रहना, पसीना और गीले कपड़े पहनना फंगल व बैक्टीरियल इंफेक्शन का मुख्य कारण बनता है। खासकर शरीर के मोड़ जैसे गर्दन, बगल, कमर और जांघों के बीच की त्वचा नाजुक होती है। जब ये क्षेत्र लंबे समय तक गीले रहते हैं और वहां हवा नहीं लगती, तो रैशेज और संक्रमण जल्दी हो जाता है।

डॉ. शर्मा का कहना है कि सामान्य से दिखने वाले रैशेज अगर समय रहते नहीं संभाले जाएं, तो वे गंभीर फंगल संक्रमण में बदल सकते हैं। यही कारण है कि इस मौसम में त्वचा की साफ-सफाई और सूखेपन पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

बारिश में रैशेज से बचने के आसान उपाय

1. हमेशा सूती और ढीले कपड़े पहनें, जिससे हवा लगती रहे और त्वचा सूखी रहे।

2. भीगने के तुरंत बाद कपड़े बदलें और शरीर को अच्छे से पोंछें।

3. नहाने के बाद शरीर को पूरी तरह सुखाएं, खासकर पसीने वाले हिस्सों को।

4. दिन में दो बार एंटीफंगल पाउडर का इस्तेमाल करें, विशेषकर गर्दन, बगल और कमर में।

5. त्वचा पर खुजली, जलन या रैशेज दिखने पर देरी न करें, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

6. एंटीफंगल क्रीम या लोशन डॉक्टर की सलाह से लगाएं।

7. गीले जूते-मोजे या कपड़े ज्यादा देर तक न पहनें।

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