बीजापुर में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता: दो महिला नक्सली समेत 4 मारे गए

 बीजापुर 

छत्तीसगढ़ में बीजापुर जिले के घने जंगलों में  हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने चार माओवादियों को मार गिराया। अधिकारियों ने बताया कि मौके से INSAS और SLR राइफल सहित बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है और मुठभेड़ अभी भी जारी है। पुलिस ने बताया कि मौके से चार नक्सलियों के शव मिले हैं जिनकी पहचान अभी नहीं हो पाई है। मुठभेड़ में और भी नक्सलियों के मारे जाने की संभावना है, फिलहाल सर्चिंग भी जारी है।

बीजापुर SP से मिली जानकारी के अनुसार जिले के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी की जानकारी के बाद सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। उन्होंने बताया कि शाम से ही सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग जारी है। एनकाउंटर में और भी नक्सलियों के मारे जाने की संभावना है। मुठभेड़ देर रात तक जारी थी और DRG व CRPF के जवानों ने नक्सलियों को घेर रखा है।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक अब तक सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ स्थल से 4 माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। साथ ही INSAS/SLR राइफलों सहित कई अन्य हथियार, विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी बरामद हुई हैं। अधिकारियों ने बताया कि चूंकि ऑपरेशन अभी भी जारी है, इसलिए मुठभेड़ के सटीक स्थान, ऑपरेशन में शामिल सुरक्षाबलों की संख्या तथा अन्य संवेदनशील जानकारी इस समय साझा नहीं की जा रही है, ताकि ऑपरेशन में लगे जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। SP ने कहा कि ऑपरेशन पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

 2025 में अब तक मारे गए 225 माओवादी

इस साल की शुरुआत से अब तक छत्तीसगढ़ में कुल 225 नक्सली मारे जा चुके हैं, जिनमें से 208 बस्तर डिवीजन के सात जिलों बीजापुर, बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, सुकमा और दंतेवाड़ा से हैं. यह आंकड़ा सुरक्षाबलों के अभियान की सफलता को दर्शाता है.

गृह मंत्री अमित शाह ने कई मौकों पर यह स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार 31 मार्च, 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. इसी लक्ष्य के तहत बस्तर क्षेत्र में लगातार बड़े पैमाने पर अभियान चलाए जा रहे हैं.

स्थानीय प्रशासन और केंद्रीय बलों की संयुक्त कार्रवाई ने नक्सल गतिविधियों पर लगाम लगाने में सफलता पाई है. अब तक की मुठभेड़ों से यह संकेत मिल रहा है कि नक्सलियों का नेटवर्क कमजोर पड़ रहा है, और सुरक्षाबल उन्हें निर्णायक तौर पर खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.

नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन मार्च 2026

बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि पूरे बस्तर संभाग में प्रतिबंधित और अवैध माओवादी संगठन CPI (Maoist) के विरुद्ध एक सशक्त अभियान जारी है। बस्तर पुलिस इस अभियान की गति को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। मॉनसून जैसी विषम परिस्थिति में भी यह सफलता सुरक्षा बलों के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। बस्तर में स्थायी शांति, प्रगति और समृद्धि सुनिश्चित की जा रही है। फोर्स के दबाव से माओवादी संगठन में दहशत है। एक दिन पहले ही 66 नक्सलियों ने सरेंडर किया है।

गृह मंत्री अमित शाह ने कई मौकों पर यह स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार 31 मार्च, 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. इसी लक्ष्य के तहत बस्तर क्षेत्र में लगातार बड़े पैमाने पर अभियान चलाए जा रहे हैं.

स्थानीय प्रशासन और केंद्रीय बलों की संयुक्त कार्रवाई ने नक्सल गतिविधियों पर लगाम लगाने में सफलता पाई है. अब तक की मुठभेड़ों से यह संकेत मिल रहा है कि नक्सलियों का नेटवर्क कमजोर पड़ रहा है, और सुरक्षाबल उन्हें निर्णायक तौर पर खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.

 

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