CG Vyapam एग्जाम के लिए नई गाइडलाइन, धार्मिक पहनावे पर भी निगरानी

बिलासपुर
 व्यापम द्वारा 3 अगस्त को आयोजित प्रयोगशाला परिचारक भर्ती परीक्षा को लेकर सख्त ड्रेस कोड लागू किया गया है। परीक्षार्थियों को हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनना अनिवार्य किया गया है। वहीं, धार्मिक या सांस्कृतिक पोशाक पहनने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर सामान्य समय से पहले पहुंचना होगा। ऐसे अभ्यर्थियों को अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरने के बाद ही परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।

परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उठाया गया यह कदम

    छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा प्रयोगशाला परिचारक भर्ती परीक्षा 3 अगस्त रविवार को आयोजित है।

    यह परीक्षा सुबह पाली में प्रात: 11 बजे से दोपहर 1.15 बजे तक संपन्न होगी।

    जिले में परीक्षा के लिए कुल 47 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जहां 17,115 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।

    परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने और नकल पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सत दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं।

    जैसे जूते के बजाए चप्पल पहनकर ही पर्चा हल कर सकेंगे।

    ढाई घंटे पहले उपस्थिति देनी होगी,30 मिनट पहले केंद्र के गेट बंद हो जाएंगे।

कलेक्टर ने दिए आवश्यक निर्देश

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने परीक्षा की समुचित तैयारी सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा संचालन और अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए मूलभूत आवश्यकताओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। सुरक्षा के लिहाज से इस बार परीक्षार्थियों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किया गया है।

10:30 बजे बंद हो जाएगा गेट

परीक्षा पूर्व निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर 11 बजे से 1:15 बजे तक आयोजित किया जाएगा। लेकिन अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार 10.30 बजे बंद कर दिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों में भारत इलेक्ट्रानिक लिमिटेड द्वारा जैमर तथा प्रत्येक परीक्षा केंद्र में एक कर्मचारी की ड्यूटी लगायी जाएगी। अभ्यर्थियों को हैंड मेटल डिक्टेटर तथा हाथों से तलाशी अर्थात फ्रिस्किंग की जाएगी।

महिला पुलिस कर्मी करेंगी जांच

प्रत्येक केंद्र में एक महिला और एक पुरूष पुलिस कर्मी फ्रिस्किंग का यह कार्य करेंगे। उन्हें परीक्षा शुरू होने के ढाई घंटे पहले अपनी उपस्थिति देनी होगी। महिला अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग महिला पुलिस कर्मी द्वारा कराई जाएगी। केंद्र के प्रत्येक कक्ष में एक दीवाल घड़ी होगी।

घड़ी, पर्स, पाउच, बेल्ट, टोपी प्रतिबंधित

फुटवियर के रूप में चप्पल पहनें। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित किया गया है। परीक्षा कक्ष में किसी भी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रानिक उपकरण, इलेक्ट्रानिक घड़ी, पर्स, पाउच, बेल्ट, टोपी आदि ले जाने पर प्रतिबंध है। परीक्षा में अनुचित साधनों के उपयोग पर कठोर कार्रवाई की जाएगी और उनकी उम्मीदवारी समाप्त कर दी जाएगी।

 

admin

Related Posts

रेलवे में बड़ी भर्ती: 312 पदों पर कल खत्म होगा आवेदन, Group D की 22000 भर्तियों के लिए 31 से करें अप्लाई

नई दिल्ली रेलवे भर्ती बोर्ड की आइसोलेटेड पदों की भर्ती के लिए कल 29 जनवरी 2026 ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि है। रेलवे आइसोलेटेड भर्ती के तहत 312 पदों पर…

10वीं-12वीं पास बेरोजगार युवाओं की सुरक्षा अधिकारी पदों पर भर्ती शुरू

भारतीय सुरक्षा दक्षता परिषद नई दिल्ली और एसआईएस सिक्योरिटी ट्रेनिंग सेंटर उदयपुर की ओर से सुरक्षा जवान, सुरक्षा सुपरवाइजर एवं सुरक्षा अधिकारी पदों के लिए भर्ती शिविरों का आयोजन 24…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति