चोपड़ा का तंज: गलत फॉर्मेट में संन्यास, क्या खत्म हुआ विराट-रोहित का इंटरनेशनल सफर?

नई दिल्ली
क्या विराट कोहली और रोहित शर्मा का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर खत्म हो गया है? दोनों T20I और टेस्ट से संन्यास ले चुके हैं। सिर्फ ODI से संन्यास नहीं लिया है। बताने की जरूरत नहीं कि उनकी नजर 2027 के एकदविसीय वर्ल्ड कप पर है जिसमें वह 2023 के वर्ल्ड कप फाइनल की चुभने वाली हार का दाग धोना चाहते हैं। टी20 वर्ल्ड कप जीतकर जिस तरह सबसे छोटे फॉर्मेट को अलविदा कहा, कुछ इसी तरह वह वनडे के लिए भी चाहते हैं। इस बीच पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने कहा है कि दोनों ने संन्यास ही गलत फॉर्मेट से लिया है।

बढ़ती उम्र और फिटनेस को देखते हुए दोनों का 2027 तक खेलना और वो भी सिर्फ एक फॉर्मेट में बहुत मुश्किल लग रहा। एक हिंदी अखबार की रिपोर्ट की माने तो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 एकदिवसीय मैचों की सीरीज के बाद बीसीसीआई की तरफ से दोनों को वनडे से संन्यास के लिए कहा जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनसे यह कहा जा सकता है कि अगर उन्हें 2027 वर्ल्ड कप में खेलना है तो उन्हें विजय हजारे ट्रॉफी में खेलना होगा।

टीम इंडिया के पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा का तो मानना है कि विराट कोहली और रोहित शर्मा दोनों ने ही गलत फॉर्मेट से संन्यास का फैसला किया। उनके मुताबिक अगर दोनों को संन्यास लेना ही था तो टी20 के बाद वनडे को अलविदा कहना था, न कि टेस्ट को। दोनों ने जून 2024 में टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टी20 से और इस साल इंग्लैंड दौरे से पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया था।

आकाश चोपड़ा ने विराट कोहली और रोहित शर्मा को लेकर अपने यू-ट्यूब चैनल पर कहा, 'दोनों ने गलत फॉर्मेट से संन्यास ले लिया। रोहित शर्मा और विराट कोहली ने अचानक टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला लिया। वे कह रहे हैं कि वे अब सिर्फ ओडीआई खेलेंगे। इससे मुझे समस्या है। मैं बताऊंगा कि क्यों। टेस्ट क्रिकेट सबसे कठिन फॉर्मेट है। वाइट बॉल क्रिकेट नीरस है, लेकिन टेस्ट के साथ ऐसा नहीं है। जब बैटर की बात आती है तो टेस्ट सबसे कठिन है जबकि ओडीआई सबसे आसान है।'

अपने पॉइंट को समझाने के लिए चोपड़ा ने कहा, 'अगर आप साल में सिर्फ 6 एकदिवसीय मैच खेलते हैं तब आपको खेल के लिए सिर्फ 6 दिन का समय मिलेगा। आप खुद को मॉटिवेटेड कैसे रखेंगे? आप तैयारी कैसे करेंगे? आप फिट कैसे रहेंगे और बेस्ट शेप में कैसे बने रहेंगे? यही मैं सोच रहा हूं। आपको कहना चाहिए था कि मैं वनडे या टी20 नहीं खेलूंगा, लेकिन मैं टेस्ट खेलूंगा। सोचिए, अगर आप इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज खेले होते तो आप 25 दिन तक खेले होते। उसके बाद आप वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज खेलते।'

 

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