टी संवर्ग प्राचार्य पदों पर नियुक्ति के लिए काउंसलिंग की तिथि घोषित

 रायपुर

आखिरकर लंबे इंतजार के बाद टी संवर्ग के पदोन्नत प्राचार्यों की पोस्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई है. पोस्टिंग काउंसलिंग के माध्यम से होगी. इसके लिए 20 से 23 अगस्त की तिथि तय की गई है. काउंसलिंग में पदोन्नत 1335 प्राचार्यों में केवल 844 को ही शामिल किया गया है. शेष को शामिल नहीं किए जाने पर सवाल उठने लगे हैं. हालांकि विभाग का तर्क है कि जो प्रभारी प्राचार्य स्कूल में पदस्थ हैं और वहां उनसे कोई सीनियर नहीं है तो उन्हें उसी स्कूल में पोस्टिंग दी जाएगी.

कोर्ट प्रकरण की वजह से पदोन्नत प्राचार्यों की पोस्टिंग नहीं हो पाई है. ई संवर्ग का मामला अब भी अटका हुआ है जबकि टी संवर्ग के पदोन्नत प्राचार्यों की पोस्टिंग में किसी तरह की बाधा नहीं है. ऐसे में शिक्षा विभाग ने टी संवर्ग के पदोन्नत प्राचार्यों की पोस्टिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पोस्टिंग काउंसलिंग के माध्यम से की जाएगी. इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने तिथि के साथ दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं. काउंसलिंग 20 से 23 अगस्त तक शिक्षा महाविद्यालय शंकरनगर में होगी. काउंसलिंग में 844 नव पदांकित प्राचार्यों को शामिल किया गया है. प्रतिदिन प्रथम पाली में 150 एवं दूसरी पाली में 150 प्राचायोंर् को शामिल किया जाएगा. टी संवर्ग में प्राचार्य के 1335 पद हैं और उतने पदों पर पदोन्नति हुई है किन्तु काउंसलिंग में 844 के नाम हैं. बताया जा रहा है कि 70 से अधिक पदोन्नत प्राचार्य जुलाई में रिटायर हो गए हैं और कुछ इसी माह अगस्त में रिटायर होने वाले हैं. इसके अलावा कई पदोन्नत प्राचार्य वर्तमान में प्रभारी प्राचार्य के रूप में पदस्थ हैं. यदि स्कूल में उनसे कोई सीनियर नहीं हैं तो उन्हें उसी स्कूल में ही पोस्टिंग दी जाएगी. ऐसे प्राचार्यों की संख्या लगभग 400 हैं.

प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक स्कूल को वरिष्ठता के आधार पर संस्था चयन हेतु प्राथमिकता दी जाएगी. इसी तरह दिव्यांग को पहली प्राथमिकता, फिर महिला और उसके बाद पुरुष वर्ष को वरिष्ठता के क्रम में संस्था चयन का अवसर मिलेगा. ई संवर्ग के पदोन्नत प्राचार्य द्वारा टी संवर्ग तथा टी संवर्ग के प्राचार्य द्वारा ई संवर्ग की संस्था का चयन मान्य नहीं होगा. काउंसलिंग में उपस्थित नहीं होने वाले तथा काउंसलिंग में उपस्थित होने पर भी स्थान का चयन करने से इंकार करने वाले प्राचार्यों को आबंटन उपरांत शेष बचे रिक्त पद पर पदस्थापना की जाएगी. पदस्थापना आदेश शासन द्वारा जारी किया जाएगा. पदस्थापना आदेश जारी होने के 7 दिनों के भीतर नवीन पदस्थापना स्थल में पदभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा.

ई संवर्ग को करना होगा इंतजार
बताते हैं कि ई संवर्ग के पदोन्नत प्राचार्यों की पोस्टिंग में अभी भी कानूनी अड़चनें हैं. पिछले दिनों सुनवाई के बाद उम्मीद की जा रही थी कि ई संवर्ग से बाधा दूर हो जाएगी परंतु अभी ई संवर्ग के पदोन्नत प्राचार्यों को अभी और इंतजार करना होगा. शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट की बाधा दूर होने के तत्काल बाद ई संवर्ग को भी काउंसलिंग के जरिए पोस्टिंग दी जाएगी.

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