सैनिक सहायता की बड़ी खेप: अमेरिका ने पाकिस्तान भेजे कई विमान

रावलपिंडी
पाकिस्तान में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए अमेरिका ने कई विमानों में भरकर राहत सामग्री भेजी है। इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी। इसने कहा कि पाकिस्तानी सेना के अनुरोध पर अमेरिकी सैन्य विमानों से राहत सामग्री पाकिस्तान में लाई गई है। ये विमान शुक्रवार, 6 सितंबर को रावलपिंडी के नूर खान एयर बेस पर उतरे, जहां पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों और अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स नेटली बेकर ने राहत सामग्री रिसीव की।

दूतावास ने लिखा, "विनाशकारी बाढ़ से निपटने के लिए पाकिस्तानी सेना के अनुरोध पर अमेरिकी सैन्य विमानों ने आवश्यक सामग्री पहुंचाई। नूर खान एयर बेस पर, सीडीए बेकर ने पाकिस्तान के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की, जिनका जीवन व्यापक, विनाशकारी बाढ़ से उजड़ गया है।"

अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (US ARCENT) के तहत कुल छह विमानों के जरिए राहत सामग्री पाकिस्तान पहुंचाई जाएगी। इनमें तंबू, जल शोधन पंप, जनरेटर और अन्य आवश्यक उपकरण शामिल हैं। पाकिस्तान सेना के जनसंपर्क विभाग (ISPR) के अनुसार, पहली खेप को औपचारिक रूप से पाकिस्तानी सेना को सौंप दिया गया है।

पाकिस्तान में भारी मॉनसूनी बारिश के कारण पंजाब प्रांत बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, उनके घर पानी में डूब गए हैं, फसलें नष्ट हो गई हैं, और बड़ी संख्या में लोग अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं। सिंध सरकार ने अनुमान लगाया है कि बाढ़ का पानी पंजाब से सिंध में प्रवेश करने के कारण 16 लाख से अधिक लोग प्रभावित हो सकते हैं। अगर सिंध में उच्च स्तर की बाढ़ आती है, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिससे पाकिस्तान पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का दौरा
राहत कार्यों के साथ-साथ, अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स नेटली बेकर और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के आपदा प्रतिक्रिया समूह ने नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (NEOC) का दौरा किया। बेकर ने नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) के आधुनिक आपदा प्रबंधन मॉडल की सराहना की और इसे क्षेत्र के लिए एक उदाहरण बताया। उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञों और कल्याण संगठनों के माध्यम से निरंतर अमेरिकी समर्थन का आश्वासन दिया।

अंतरराष्ट्रीय सहायता की आवश्यकता
पाकिस्तान सरकार बाढ़ प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है, लेकिन अधिकारियों ने जोर दिया कि देश को अपनी क्षमताओं से परे अंतरराष्ट्रीय सहायता की आवश्यकता है। संयुक्त राष्ट्र और यूनाइटेड किंगडम के बाद अब अमेरिका ने भी बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री भेजी है।

अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स का बयान
नूर खान एयर बेस पर राहत सामग्री सौंपते समय नेटली बेकर ने बाढ़ से हुई तबाही पर गहरा दुख व्यक्त किया और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा, “हम इस मानवीय संकट में पाकिस्तान के साथ खड़े हैं।” अमेरिकी दूतावास ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भी इस सहायता का जिक्र किया गया और प्रभावित लोगों के प्रति अपनी एकजुटता दोहराई।

भारत ने उड़ा दिया था नूर खान एयरबेस
बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नूर खान बेस खूब चर्चा में था। दरअसल मई में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के नूर खान एयर बेस पर सटीक हवाई हमले किए, जो रावलपिंडी के चकलाला में स्थित एक रणनीतिक सैन्य अड्डा है। मैक्सार टेक्नोलॉजीज की हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार, भारतीय वायु सेना ने रनवे, हैंगर, और 7,000 वर्ग फुट के ऑपरेशन कम्प्लेक्स को पूरी तरह नष्ट कर दिया, साथ ही दो विशेष सैन्य वाहनों को भी क्षति पहुंचाई। इस हमले ने पाकिस्तान की हवाई रक्षा और परिवहन क्षमता को बुरी तरह प्रभावित किया, क्योंकि नूर खान बेस में साब एरिए AWACS, C-130 हरक्यूलिस विमान, और IL-78 हवाई ईंधन टैंकर जैसे महत्वपूर्ण सैन्य उपकरण मौजूद थे। हालांकि अब प्रतीत होता है कि पाकिस्तान ने रनवे की मरम्मत कर ली है।

 

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