विदेश नीति पर फडणवीस का ठोस रुख: मोदी को मान्यता या न मान्यता, भारत चलता अपनी दिशा में

मुंबई
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कहें या नहीं पर वास्तविकता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक महान नेता हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि भारत अपनी विदेश नीति खुद बनाता है, जिसे कोई अन्य देश निर्धारित नहीं कर सकता। फडणवीस का यह बयान ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा के बाद आया है। ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था, ‘‘मैं हमेशा (नरेन्द्र) मोदी का दोस्त रहूंगा, वह एक महान प्रधानमंत्री हैं। वह महान हैं। मैं हमेशा उनका दोस्त रहूंगा, लेकिन मुझे इस समय वह जो कर रहे हैं, वह पसंद नहीं आ रहा है।’’

ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को दोगुना कर 50 प्रतिशत कर दिए जाने के बाद भारत और अमेरिका के बीच संबंधों में भारी गिरावट आई है। अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्क में भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है। भारत ने अमेरिकी कार्रवाई को ‘‘अनुचित, अन्यायपूर्ण और अविवेकपूर्ण’’ बताया है।

फडणवीस ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘ट्रंप कहें या न कहें, प्रधानमंत्री मोदी महान हैं। सभी विश्व नेताओं को लगता है कि वह एक महान नेता हैं। इन दिनों अमेरिका का रुख यह है… कुछ लोग हमारी प्रशंसा करते हैं और कुछ हमें नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं। लेकिन यह एक नया भारत है… मोदीजी का भारत। हम अपनी विदेश नीति खुद तय करते हैं और कोई भी हमें निर्देशित नहीं कर सकता।’’

उन्होंने कहा कि विकसित भारत बनने की दिशा में देश का प्रयास जारी रहेगा। फडणवीस दक्षिण मुंबई स्थित अपने आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ में स्थापित भगवान गणेश की मूर्ति को वहां एक कृत्रिम तालाब में विसर्जित करने के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे।

 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति