तीन साल में यूपीआईटीएस ने आंकड़ों और प्रभाव में खुद को दोगुना से ज्यादा किया मजबूत

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो : तीन साल में बढ़ा आकार, बढ़ी पहचान

तीन साल में यूपीआईटीएस ने आंकड़ों और प्रभाव में खुद को दोगुना से ज्यादा किया मजबूत 

2023 से 2025 तक इस मेगा आयोजन में प्रदर्शकों और विज़िटर्स की संख्या में हुआ भारी इजाफा 

यूपीआईटीएस में विदेशी खरीदारों की बढ़ती उपस्थिति ने उत्तर प्रदेश को दिलाई वैश्विक पहचान

प्रदेश की औद्योगिक, कृषि और सांस्कृतिक ताकत को दुनिया के सामने रखने का मंच बना यूपीआईटीएस 

हर साल बढ़ रही प्रदर्शकों, खरीदारों और विज़िटर्स की संख्या राज्य के औद्योगिक परिदृश्य के विस्तार का दे रही संकेत 

यूपीआईटीएस 2025 में 400 से बढ़कर 500 विदेशी खरीदारों की भागीदारी का रखा गया है लक्ष्य

25 से 29 सितंबर के बीच होने वाले मेगा आयोजन के लिए क्यूआर कोड आधारित एप से होगा स्मार्ट रजिस्ट्रेशन 

लखनऊ
 उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) ने महज़ तीन वर्षों में खुद को देश और दुनिया के व्यापार मानचित्र पर स्थापित कर लिया है। 2023 में हुए पहले आयोजन से लेकर 2025 के तीसरे संस्करण तक यह शो हर साल आकार, प्रभाव और भागीदारी के लिहाज से और भव्य होता जा रहा है। प्रदर्शकों, विज़िटर्स और विदेशी खरीदारों की लगातार बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि यूपी अब निवेश, व्यापार और वैश्विक पहचान के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर शुरू हुए यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का तीसरा संस्करण 25 से 29 सितंबर के बीच ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में होने जा रहा है। यह केवल प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की औद्योगिक, कृषि और सांस्कृतिक ताकत को दुनिया के सामने रखने का मंच बन गया है। हर साल इसमें प्रदर्शकों, खरीदारों और विज़िटर्स की बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि राज्य का औद्योगिक परिदृश्य किस तरह विस्तार पा रहा है।

2023 : प्रथम संस्करण से मिली नई दिशा
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई। इसका उद्घाटन महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया था। यह आयोजन राज्य के उद्योग जगत के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित हुआ। इसमें करीब 70 हजार B2B विज़िटर्स पहुंचे, जिनमें उद्योग और कारोबार जगत के बड़े नाम शामिल थे। 2 लाख 37 हजार बी2सी विज़िटर्स ने घरेलू बाजार के प्रति गहरी दिलचस्पी दिखाई। वहीं, 1914 प्रदर्शक (एग्जिबिटर्स) ने अपने उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन किया। 400 से अधिक विदेशी खरीदार (फॉरेन बायर्स) ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नए अवसरों को तलाशा। इस पहले ही आयोजन ने यूपी के उत्पादों को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई और स्थानीय उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ने का अवसर दिया।

2024 : दूसरे संस्करण में और भी भव्य आयोजन
पहले संस्करण की सफलता ने 2024 के आयोजन को और बड़े पैमाने पर पेश करने की राह दिखाई। इस बार उद्घाटन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने किया। आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि यूपीआईटीएस का प्रभाव और दायरा लगातार बढ़ रहा है। इस दौरान, बी2बी विज़िटर्स की संख्या 1 लाख से अधिक रही, यानी लगभग दोगुनी बढ़त। वहीं, बी2सी विज़िटर्स की संख्या 3 लाख के पार पहुंच गई। 2122 प्रदर्शकों ने हिस्सा लिया, जो पिछले साल से बढ़ोतरी का स्पष्ट संकेत है। इसके अतिरिक्त, इस मेगा इवेंट में 350 से अधिक विदेशी खरीदार शामिल हुए, जिनकी मौजूदगी ने राज्य के कारोबार को और अधिक अंतरराष्ट्रीय अवसर दिए। दूसरे संस्करण ने यह साबित कर दिया कि यूपीआईटीएस अब केवल राष्ट्रीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार का प्रमुख मंच बन चुका है।

2025 : तीसरे संस्करण से नई ऊंचाइयों की ओर
अब 2025 का तीसरा संस्करण आयोजित होने जा रहा है और यह पिछले दोनों आयोजनों से कहीं ज्यादा भव्य और बड़ा होने वाला है। आयोजकों ने जिन लक्ष्यों को सामने रखा है, वे इसकी बढ़ती ताकत को स्पष्ट करते हैं। इस बार 5 लाख से अधिक कुल विज़िटर्स आने की उम्मीद है। इनमें 2.5 लाख बी2बी विज़िटर्स और 3 लाख बी2सी विज़िटर्स शामिल होंगे। प्रदर्शकों की संख्या बढ़कर 2500 से अधिक हो जाएगी। 500 से अधिक विदेशी खरीदार आने की संभावना है, जिनके लिए अलग से समर्पित मीटिंग हॉल बनाए गए हैं। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अब क्यूआर कोड आधारित मोबाइल एप से होगी, जिससे पारदर्शिता और सुविधा सुनिश्चित होगी। तीसरा संस्करण इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार मानचित्र पर अपनी अलग और मजबूत पहचान बनाने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

 

 

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