इतिहास रचा BJP ने! जेपी नड्डा ने बताया करोड़ों में पहुंचा पार्टी का सदस्य आधार

नई दिल्ली 
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को कहा कि 14 करोड़ सदस्यों के साथ बीजेपी दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा में दो करोड़ सक्रिय सदस्य हैं। जेपी नड्डा ने बताया कि पार्टी के देश भर में 240 लोकसभा सदस्य, लगभग 1,500 विधायक और विधान परिषदों में 170 से ज्यादा सदस्य हैं। केंद्रीय मंत्री ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में पार्टी की एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार की सराहना की।

"13 राज्यों में भाजपा की सरकारें"  
उन्होंने कहा, "हम (बीजेपी) 14 करोड़ सदस्यों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी हैं। भारत के 20 राज्यों में एनडीए और 13 राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं। हम देश की सबसे बड़ी प्रतिनिधि पार्टी हैं। हमारे 240 सांसद (लोकसभा) हैं। हमारे लगभग 1,500 विधायक हैं। हमारे विधान परिषदों में 170 से ज्यादा सदस्य हैं।” 

नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 11 साल में कार्य-निष्पादन और जवाबदेह सरकार की राजनीति हुई है, जबकि पिछली सरकारों में अकार्य-निष्पादन की राजनीति थी और उन्होंने विकास कार्य नहीं किए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें घोषणापत्रों में किए गए वादों को भी भूल गई थीं।

"पहले तुष्टीकरण की राजनीति थी"
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पहले परिवारवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण की राजनीति थी। भाजपा अध्यक्ष ने कहा, "हम एक ऐसी पार्टी से आते हैं जिसका एक वैचारिक आधार है।" नड्डा ने आंध्र प्रदेश में किए गए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र ने राजधानी अमरावती के निर्माण के लिए 15,000 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति