रजत जयंती महोत्सव एवं सेवा पखवाड़ा: दिव्यांगजन के लिए स्वास्थ्य परीक्षण और सहायक उपकरण वितरण शिविर सफलतापूर्वक आयोजित

सूरजपुर,

रजत जयंती महोत्सव एवं सेवा पखवाड़ा दिवस के अवसर पर आज शनिवार को जनपद पंचायत सूरजपुर के साधु राम सेवा कुंज में दिव्यांगजन एवं वृद्धजनों हेतु विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में जिला अस्पताल से मेडिकल बोर्ड तथा पीपीआरसी रायपुर के विशेषज्ञों द्वारा दिव्यांगजनों की जांच की गई। इस दौरान 7 कृत्रिम अंगों का मापन, 39 मेडिकल प्रमाण पत्र जारी किए गए तथा कुल 89 पंजीयन सम्पन्न हुए।

कार्यक्रम में जनपद पंचायत सूरजपुर की अध्यक्ष माननीय श्रीमती स्वाति सिंह, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

शिविर में दिव्यांगजनों और वृद्धजनों को 17 सहायक उपकरण वितरित किए गए, जिनमें 4 ट्रायसायकल, 3 व्हीलचेयर, 3 श्रवण यंत्र एवं 7 छड़ियां शामिल हैं।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति