विसेरा रिपोर्ट ने बदल दी जांच की दिशा, जुबीन गर्ग मर्डर केस में नया खुलासा

गुवाहाटी

असम के मशहूर गायक जुबीन गर्ग की मौत के मामले में अब जांच ने नया मोड़ ले लिया है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को बताया कि दिल्ली स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL) से आई विसेरा रिपोर्ट ने जांच को ‘एक स्पष्ट दिशा’ दे दी है. जुबीन गर्ग की मौत 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी. इस घटना के बाद असम पुलिस की क्राइम इंवेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने हत्या, आपराधिक साजिश और लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया था.

मुख्यमंत्री सरमा ने फेसबुक लाइव के जरिये कहा कि विसेरा सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद जांच में एक नई दिशा मिली है और अब उन्हें पूरा भरोसा है कि आने वाले कुछ दिनों में इस केस से जुड़ी पूरी घटनाओं को सिलसिलेवार ढंग से कोर्ट में पेश किया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि अब जांच उस दिशा में बढ़ रही है जिसकी उम्मीद थी. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि शुक्रवार को CFSL ने विसेरा रिपोर्ट असम पुलिस को सौंपी थी, जिसे आगे गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज भेजा गया है ताकि वहां की मेडिकल टीम पूरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तैयार कर सके.

जुबीन गर्ग का दूसरा पोस्टमॉर्टम गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञों की टीम ने किया था, जबकि पहला सिंगापुर में हुआ था. अब CFSL की रिपोर्ट से जांच में नए तथ्य सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है.

इस मामले में CID अब तक सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के आयोजक श्यामकानू महंता, जुबीन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी, गायिका अमृतप्रभा महंता और जुबीन के चचेरे भाई संदीपन गर्ग शामिल हैं, जो असम पुलिस सेवा के अधिकारी हैं. इसके अलावा, जुबीन के दो निजी सुरक्षाकर्मी परेश बैश्य और नंदेश्वर बोराह को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन पर जुबीन के पैसों के गलत इस्तेमाल के आरोप हैं. सीआईडी श्यामकानू महंता के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं की भी जांच कर रही है.

जुबीन गर्ग सिंगापुर में नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल (NEIF) में भाग लेने गए थे. वहां कुछ असमिया एनआरआई की ओर से आयोजित एक यॉट पार्टी में शामिल हुए, जहां समुद्र में तैरते वक्त वे अचानक बेहोश हो गए और बाद में अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.

मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि इस मामले में कुल 11 असमिया एनआरआई जुड़े हुए हैं. उनमें से एक पहले ही गुवाहाटी आकर बयान दर्ज करा चुका है, जबकि चार और लोग सोमवार को बयान दर्ज कराने आ रहे हैं. मुख्यमंत्री ने बाकी छह एनआरआई से अपील करते हुए कहा कि यह उनकी कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी है कि वे जांच में शामिल हों. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर वे खुद नहीं आए, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि विसेरा रिपोर्ट आने के बाद अब न्याय की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी और उन्होंने भरोसा जताया कि जुबीन गर्ग को न्याय दिलाने का जो वादा उन्होंने किया था, वह जल्द पूरा होगा. इस बीच, विसेरा रिपोर्ट के सामने आने के बाद जांच का फोकस अब इस बात पर केंद्रित हो गया है कि जुबीन गर्ग की मौत एक हादसा थी या किसी सोची-समझी साजिश का नतीजा.

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