फीफा ने बदला फैसला: यूएई की जगह मोरक्को में होगा बड़ा टूर्नामेंट

मोरक्को
विश्व फुटबॉल की नियामक संस्था फीफा द्वारा आयोजित एक टूर्नामेंट को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से मोरक्को स्थानांतरित कर दिया गया है। फीफा ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह चार टीमों का मैत्री टूर्नामेंट रविवार से मोरक्को में शुरू होगा। “फीफा यूनाइट्स: विमेंस सीरीज़” नामक यह प्रतियोगिता मूल रूप से 23 से 29 अक्टूबर तक दुबई में आयोजित की जानी थी। इसमें यूएई, चाड, लीबिया और अफगानिस्तान की महिला शरणार्थी टीम भाग ले रही हैं।

अफगानिस्तान महिला शरणार्थी टीम का गठन 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद महिलाओं के खेल पर लगाए गए प्रतिबंध के कारण हुआ था। उस समय कई खिलाड़ियों को उत्पीड़न के डर से देश छोड़ना पड़ा था। फीफा ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “फीफा रॉयल मोरक्कन फुटबॉल फेडरेशन का धन्यवाद करता है और सफल टूर्नामेंट के आयोजन की उम्मीद रखता है।” संगठन ने यह पुष्टि की कि अफगान महिला शरणार्थी टीम ने परामर्श के बाद अपना आधिकारिक नाम ‘अफगान वुमन यूनाइटेड’ रखा है।

तालिबान शासन से पहले अफगानिस्तान की महिला टीम में 25 अनुबंधित खिलाड़ी थीं, जिनमें से अधिकांश अब ऑस्ट्रेलिया में बस चुकी हैं। वहीं, अफगानिस्तान की पुरुष फुटबॉल टीम सामान्य रूप से खेलना जारी रखे हुए है।

 

admin

Related Posts

AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति