बिहार चुनाव में भाजपा की चाल: हरियाणा-दिल्ली की तर्ज पर जीत का मिशन

नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी बिहार चुनाव में अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने पर पूरा जोर लगा रही है। पार्टी अपनी स्ट्राइक रेट में और बढ़ोतरी करने के लिए जुटी है। इसके लिए पार्टी ने बूथवार रणनीति बनाई है। बड़े नेताओं की रैलियों, सभाओं के कार्यक्रमों के इतर पार्टी अपनी ओर से लड़ी जा रही 101 सीटों पर हर विधानसभा क्षेत्र देश भर से कार्यकर्ताओं को भेज रही है। यही रणनीति हरियाणा दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी अपनाई गई थी। इसके लिए हर विधानसभा में एक प्रवासी प्रभारी बनाया गया है। प्रवासी प्रभारियों की यह टीम चुनाव के हर पहलु पर नजर रख रही है।

नियमित वीसी के जरिए हो रही है निगरानी
चुनाव प्रबंधन के लिए बिहार को अंचल अनुसार अलग अलग हिस्सों में बांटा गया है। प्रत्येक अंचल पर अन्य प्रदेश से आए संगठन मंत्री स्तर और प्रदेश के वरिष्ठ स्तर के नेता को लगाया गया है। ये अंचल प्रभारी विधानसभा प्रवासी प्रभारियों के सम्पर्क में रह कर हर छोटे से छोटे फीडबैक पर नजर रखे हैं। रोजाना देऱ शाम से रात तक वीसी के जरिए अंचलवार प्रवासी प्रभारियों से राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए फीडबैक ले रहे हैं। इसमें उनके साथ विभिन्न प्रदेशों के प्रमुख नेता जिनमें उप मुख्यमंत्री भी शामिल रहते हैं।

कार्यकर्ताओं के गिले शिकवे दूर करना प्रमुख जिम्मेदारी प्रवासी प्रभारी अपने जिम्मे की विधानसभा में प्रत्याशी की घोषणा , नामांकन और प्रचार के परवान चढ़ने के दौरान क्षेत्र के सभी प्रमुख कार्यकर्ताओं में समन्वय बनाए रखने पर विशेष काम कर रहे हैं। नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने के साथ ही विधानसभा में क्षेत्रवार जरूरतों, समीकरणों को साधने के काम में भी जुटे हैं।

संगठन में माहिर लोगों को दी गई है जिम्मेदारी
राजस्थान से बिहार में प्रचार का जिम्मा संभालने वालों में राजेन्द्र राठौड़, दामोदर अग्रवाल, सीपी जोशी, अविनाश गहलोत, कुलदीप धनखड़, अतुल भंसाली शामिल हैं। इन्हें अलग अलग विधानसभा क्षेत्रों का जिम्मा सौंपा गया है। इसके अलावा करीब 40 महिला कार्यकर्ता भी बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में प्रचार के लिए जाएंगी। वहीं अलग अलग मोर्चों के स्तर पर भी कार्यकर्ता बिहार जा रहे हैं।

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