जेईई मेन में बड़ा बदलाव! अब ऑनलाइन परीक्षा में मिलेगा Virtual Calculator, समझें पूरा सिस्टम

नई दिल्ली

जेईई मेन 2026 में पहली बार उम्मीदवारों को एक ऑनस्क्रीन स्टैंडर्ड कैलकुलेटर की सुविधा मिलेगी जिससे स्टूडेंट्स बेसिक कैलकुलेशन कर सकेंगे। एनटीए इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन अभ्यर्थियों को पहली बार यह सहूलियत देने जा रहा है। हालांकि एनटीए ने एग्जाम के दौरान फिजिकल कैलकुलेटर के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। इससे पहले तक जेईई मेन एग्जाम में न तो ऑनस्क्रीन कैलकुलेटर था और न ही अभ्यर्थियों को इसे ले जाने की इजाजत थी। अब इस बार एनटीए ने एग्जाम पैटर्न में एक बड़ा बदलाव करते हुए एक सीबीटी कैलकुलेटर (ऑनस्क्रीन स्टैंडर्ड कैलकुलेटर) लॉन्च करने की घोषणा की है, जिसमें स्क्वायर रूट, परसेंटेज और भी बहुत कुछ इस तरह के फंक्शन होंगे।

अभ्यर्थियों को एग्जाम सेंटर में फिजिकल कैलकुलेटर ले जाने की इजाजत नहीं है। एग्जाम के दौरान जिनके पास कैलकुलेटर होगा, उन्हें एग्जाम देने से रोक दिया जाएगा। फिजिकल कैलकुलेटर के इस्तेमाल को अनुचित साधनों में माना जाएगा जिससे उन्हें डिसक्वालिफाई किया जा सकता है।

अन्य बदलाव

परीक्षा तिथि में बदलाव

जेईई मेन 2026 सेशन 1 के एग्जाम 21 से 30 जनवरी तक और सेशन 2 के एग्जाम 2 से 9 अप्रैल तक होंगे। हालांकि कुछ दिन पहले एनटीए ने कहा था कि जेईई मेन सेशन 2 के एग्जाम 1 अप्रैल से 10 अप्रैल तक होंगे। ऐसे में सेशन 2 के एग्जाम शेड्यूल में बदलाव हुआ है। सेशन-1 की तिथियां जस की तस है।

एग्जाम सिटी की संख्या बढ़ी

जेईई मेन परीक्षा 2026 का आयोजन 39 और अधिक शहरों में होगा। एनटीए ने इस साल एग्जाम शहरों की संख्या 284 से बढ़ाकर 323 कर दी है।

कब होगी जेईई मेन परीक्षा, जानें अहम तिथियां

एनटीए जेईई मेन 2026 का आयोजन दो सत्रों – जनवरी और अप्रैल में करेगा। कुछ दिन पहले एनटीए ने जेईई मेन एग्जाम की तारीख की घोषणा की थी। जेईई मेन 2026 सेशन 1 के एग्जाम 21 से 30 जनवरी तक और सेशन 2 के एग्जाम 2 से 9 अप्रैल तक होंगे।

जेईई मेन बीटेक एग्जाम पैटर्न

जेईई मेन 2026 इन्फॉर्मेशन बुलेटिन के अनुसार जेईई मेन बीटेक एग्जाम पैटर्न 2026 पिछले साल जैसा ही रहेगा। इसमें कुल 75 सवाल होंगे जो कुल 300 मार्क्स के होंगे। क्वेश्चन पेपर तीन सेक्शन में बंटा होगा — फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथेमेटिक्स। हर सेक्शन में दो सब-सेक्शन होंगे — सेक्शन ए और सेक्शन बी। सेक्शन ए में 20 सवाल होंगे, जबकि सेक्शन बी में सभी 3 सब्जेक्ट में 5 सवाल होंगे। पांचों प्रश्नों को हल करना अनिवार्य होगा। ऑप्शनल क्वेश्चन की सुविधा पिछले साल एनटीए ने खत्म कर दी थी।

जेईई मेन पेपर-1 अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग प्रोग्राम जैसे एनआईटी, आईआईआईटी में बीई, बीटेक और अन्य केंद्रीय वित्तपोषित तकनीकी संस्थानों (सीएफटीआई) में बीटेक/बीई प्रवेश के लिए आयोजित किया जाता है। जबकि जेईई मेन का पेपर दो देश में बी आर्क और बी प्लानिंग कोर्स में प्रवेश के लिए आयोजित किया जाता है।

 

 

admin

Related Posts

रेलवे में बड़ी भर्ती: 312 पदों पर कल खत्म होगा आवेदन, Group D की 22000 भर्तियों के लिए 31 से करें अप्लाई

नई दिल्ली रेलवे भर्ती बोर्ड की आइसोलेटेड पदों की भर्ती के लिए कल 29 जनवरी 2026 ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि है। रेलवे आइसोलेटेड भर्ती के तहत 312 पदों पर…

10वीं-12वीं पास बेरोजगार युवाओं की सुरक्षा अधिकारी पदों पर भर्ती शुरू

भारतीय सुरक्षा दक्षता परिषद नई दिल्ली और एसआईएस सिक्योरिटी ट्रेनिंग सेंटर उदयपुर की ओर से सुरक्षा जवान, सुरक्षा सुपरवाइजर एवं सुरक्षा अधिकारी पदों के लिए भर्ती शिविरों का आयोजन 24…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति