क्रांति ने किया यादगार आगमन: ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और अपने क्रिकेट ग्राउंड को किया सलाम

 छतरपुर
 विश्व विजेता बनकर पहली बार घर आई क्रांति गौड़ के घर पर दीपावली जैसा उत्सव रहा। पूरे नगर के लोग एकत्रित होकर अपनी बेटी की एक झलक देखने के लिए उत्सुक दिखे थे। महिला क्रिकेट विश्व कप विजेता क्रांति गौड़ खजुराहो से चलकर शुक्रवार देर रात अपने गृहग्राम घुवारा पहुंचीं।

क्रांति के घर को फूलों से सजाया गया था। गांव वालों और इलाके के लोगों को बांटने के लिए 5 क्विंटल से ज्यादा लड्‌डू बनाए गए। इस दौरान इलाके के लोग उमड़ पड़े। ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और फूलों की वर्षा के बीच लोगों ने गौड़ का भव्य स्वागत किया।

जमीन को चूम लिया, जहां पहली बार खेला था क्रिकेट

हालांकि क्रांति अपने गांव घुवारा जैसे ही पहुंची तो सबसे पहले वहां गई, जहां पहली दफा क्रिकेट खेला था। क्रांति ने सबसे पहले उस उबड़-खाबड़ जमीन पर माथा टेका और फिर उसे चूमा। बाद में वह कार की छत पर बैठकर अभिवादन करती रहीं।

खुद को नाचने से नहीं रोक पाई क्रांति गौड़

इस खास मौके पर उनके दोस्त डीजे पर झूमते हुए दिखे। वहीं क्रांति भी इस दौरान अपने आप को रोक नहीं पाई और ढोल-नगाड़ों पर खूब नाची। घुवारा पहुंचने से पहले क्रांति चौपरिया सरकार मंदिर पहुंचीं, जहां हनुमानजी के समक्ष माथा टेका था। इसके बाद वह घुवारा के लिए निकली।

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