HP में बिजली उपभोक्ता मित्र भर्ती प्रक्रिया शुरू: 1602 पदों पर मिलेगा इतना वेतन

धर्मशाला

हिमाचल प्रदेश में 1602 बिजली उपभोक्ता मित्र भर्ती करने के लिए विद्युत विनियामक आयोग ने बोर्ड प्रबंधन को मंजूरी दे दी है। राज्य इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन के माध्यम से पद भरे जाएंगे। बिजली बोर्ड की ओर से भेजे गए प्रस्ताव की समीक्षा के दौरान आयोग ने पाया कि विभाग में 3,000 से अधिक टी मेट के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इससे फील्ड में कार्यरत तकनीकी स्टाफ की कमी बन रही है, जो उपभोक्ता सेवाओं तथा विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है।

इतना मिलेगा मासिक वेतन
आउटसोर्स आधार पर भर्ती होने वाले उपभोक्ता मित्रों को 10,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। बोर्ड प्रबंधन ने आयोग को बताया कि विभाग वर्तमान में कर्मचारियों के युक्तिकरण की प्रक्रिया में है और कई पदों को सरप्लस घोषित किया जा चुका है, जिन्हें आगे नहीं भरा जाएगा। ऐसे में उपभोक्ताओं को समयबद्ध सेवाएं प्रदान करने, आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाने तथा सेवा दायित्वों को पूरा करने के लिए उपभोक्ता मित्रों की आवश्यकता बताई गई।

उपभोक्ता मित्रों का ये होगा काम
इन सभी तथ्यों का संज्ञान लेते हुए आयोग ने बिजली बोर्ड के प्रस्ताव को स्वीकार किया और 1602 उपभोक्ता मित्रों की नियुक्ति को मंजूरी प्रदान की। आयोग ने स्पष्ट किया कि आउटसोर्स आधार पर भर्ती सरकारी एजेंसी इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन के माध्यम से की जाएगी। यह होंगे उपभोक्ता मित्रों के मुख्य कार्य बिजली उपभोक्ता मित्र मुख्यत: फील्ड स्तर पर उपभोक्ताओं और विभाग के बीच एक त्वरित सेवा-सेतु का कार्य करेंगे।

उपभोक्ताओं की शिकायतों का निस्तारण तेज होगा
बिलिंग और मीटर रीडिंग से जुड़ी सहायता, छोटे उपभोक्ता कार्यों में सहयोग, शिकायतों के त्वरित समाधान में फील्ड स्टाफ की मदद, बिजली आपूर्ति में रुकावट की सूचना संग्रह एवं रिपोर्टिंग, उपभोक्ताओं के साथ बेहतर संवाद और सेवा में पारदर्शिता लाना इनके प्रमुख कार्य होंगे। उपभोक्ता मित्रों की तैनाती से ग्रामीण व दूरदराज क्षेत्रों में फील्ड स्टाफ की कमी दूर होगी और उपभोक्ताओं की शिकायतों का निस्तारण तेज होगा।

बिजली मित्र की पक्की नौकरी क्यों नहीं : जयराम
 नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर युवाओं के साथ धोखा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अब सरकार आउटसोर्स आधार पर बिजली मित्र रखने की तैयारी कर रही है। हालांकि सत्ता में आने से पहले कांग्रेस ने पहली कैबिनेट में एक लाख सरकारी नौकरी और पांच लाख रोजगार देने की गारंटी दी गई थी। जयराम ठाकुर के अनुसार सरकार मित्र योजना के नाम पर युवाओं को नाम मात्र का मानदेय देकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है, जबकि मुख्यमंत्री के करीबी लोगों को हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि मित्र योजना के तहत मिलने वाले रोजगार 58 साल वाली पेंशनयुक्त पक्की नौकरी क्यों नहीं हैं, जबकि चुनाव से पहले इसी तरह की नौकरियों का वादा किया गया था। जयराम ने आरोप लगाया कि सरकार न तो पक्की भर्तियां कर रही है और न ही युवाओं को सम्मानजनक रोजगार दे रही है। इसके बजाय आउटसोर्स नौकरियों पर जोर दिया जा रहा है। इसमें भी सरकार की मंशा संदिग्ध दिखाई देती है।

 

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