अयोध्या राम मंदिर में विशेष मुहूर्त में ध्वजारोहण, पीएम मोदी के संग काशी के विद्वानों की रहेंगे उपस्थिति

अयोध्या

 श्रीराम मंदिर का कार्य अब लगभग पूरा हो चुका है. 25 नवंबर को शिखर पर ध्वजारोहण के साथ इसकी विधिवत घोषणा भी हो जाएगी. कार्य पूरा होने का संदेश देने के लिए ही पीएम मोदी मंदिर में ध्वजारोहण करेंगे. इसके लिए पंडित गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ ने मुहूर्त निकाला है. ध्वजारोहण के लिए 30 मिनट का मुहूर्त निकाला गया है. ये वही गणेश्वर शास्त्री हैं, जिन्होंने राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का मुहूर्त निकाला था. पीएम मोदी 11:45 से लेकर 12:29 के बीच ध्वजारोहण करेंगे.

मुहूर्त के मुताबिक इसी दौरान सारे अनुष्ठान पूरे किए जाएंगे. जिसके लिए काशी से 19 नवंबर को ही विद्वानों का दल पहुंच चुका है. 20 नवंबर को शेष विद्वान वाराणसी और दक्षिण भारत से अयोध्या पहुंचे हैं. मंदिर में मुख्य शिखर के साथ-साथ ही 7 पताकाएं फहराई जाएंगी. एक पताका शेषावतार मंदिर में लगाया जा रहा है और 6 पताकाएं परकोटा के पंचायतन के 6 मंदिरों में लगाए जाएंगे. ये सभी 6 एक विशेष व्यवस्था के अंतर्गत हैं, इस तरह कुल सात पताकाएं लगाए जाएंगे. इसी प्रकार का कार्यक्रम बनाया गया है.

दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या अब सिर्फ एक तीर्थ नहीं बल्कि विकास की प्रयोगशाला बन चुका है. अयोध्या के ऐतिहासिक विकास ने युवाओं की ज़िंदगी में नई रोशनी, स्थानीय उद्योगों में नई सांसें और परंपरागत कला में एक नई दिशा दी है.

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति