पुतिन के आगमन के साथ भारत को मिली खुशखबरी, रूस में बढ़ेगा भारतीय कारोबार का दबदबा

नई दिल्ली 
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच चुके हैं। दिल्ली के पालम हवाई अड्डे पर उन्हें रिसीव करने स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे थे। इस बीच रूस के आर्थिक विकास मंत्री मैक्सिम रेशेतनिकोव ने कहा कि रूस अपने बाजार में भारतीय वस्तुओं की आपूर्ति बढ़ाना चाहता है। उन्होंने कहा कि व्यापारिक संबंधों के संदर्भ में रूस व्यापार आदान-प्रदान बढ़ाने में रुचि रखता है। हम रूसी बाजार में भारतीय उत्पादों की आपूर्ति बढ़ाने और व्यापार संतुलन बनाने में रुचि रखते हैं, क्योंकि वर्तमान में रूसी सामान भारतीय बाजार में बहुत अधिक मात्रा में हैं, जबकि भारतीय सामान रूसी बाजार में उस अनुपात में नहीं हैं।

रेशेतनिकोव ने आगे कहा कि हम भारत से उत्पाद खरीदने में बहुत रुचि रखते हैं। हम इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी के लिए आभारी हैं, जिसमें दोनों देशों के कई मंत्री शामिल हैं। यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन है, जिससे हमारे नेताओं की वार्ता सफल होगी और 100 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य की प्राप्ति की उम्मीद जगेगी।

100 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य
इससे पहले रूस के वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव ने विश्वास जताया कि रूस और भारत 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। हाल के वर्षों में तेज़ व्यापार वृद्धि और कई क्षेत्रों में सहयोग विस्तार का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वीटीबी बैंक के नई दिल्ली में नए प्रमुख कार्यालय का उद्घाटन बढ़ते व्यापार को सहारा देने के लिए वित्तीय बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने की दिशा में ठोस कदम है।

उन्होंने भारत से आयात बढ़ाने के राष्ट्रपति के निर्देश को लागू करने के लिए चल रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला और कहा, “हम वर्तमान में भारत से आयात बढ़ाने के राष्ट्रपति के कार्य को लागू करने में जुटे हैं। ऐसे महत्वपूर्ण आयोजनों से इन मुद्दों का समाधान आसान होगा। जितने समझौते सरल होंगे, उतना ही हमारे देशों के बीच व्यापार, निवेश और पर्यटन बढ़ेगा।

क्या बोले रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री
रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री तथा भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग) के रूसी सह-अध्यक्ष डेनिस मंटुरोव ने 100 अरब डॉलर के लक्ष्य को 'वास्तव में महत्वाकांक्षी' बताया और कहा कि इसे हासिल करने के लिए दोनों देशों की सरकारों, व्यवसायों और वित्तीय संस्थानों के संयुक्त एवं समन्वित प्रयास जरूरी हैं।

उन्होंने कहा कि हम रूस-भारत सहयोग के विस्तार के लिए अनुकूल माहौल और जरूरी परिस्थितियां बनाकर व्यापारिक समुदाय का समर्थन कर रहे हैं। अंतर-सरकारी आयोग की नियमित बैठकों को निवेश परियोजनाओं पर चर्चा का प्रमुख मंच बताते हुए मंटुरोव ने कहा कि 100 अरब डॉलर का लक्ष्य सचमुच महत्वाकांक्षी है। इसके लिए द्विपक्षीय व्यापार की गुणवत्ता और संरचना पर काम करना होगा। इसके लिए सरकारों के साथ-साथ व्यवसायों और वित्तीय संस्थानों के ठोस प्रयास अपेक्षित हैं।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति