शेख हसीना का भारत दौरा: एस जयशंकर बोले— भारत अपने फैसले खुद लेता है

नई दिल्ली 
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की भारत में मौजूदगी को लेकर चल रही राजनीतिक हलचल के बीच, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया है कि उनकी उपस्थिति उनकी निजी पसंद है और यह पिछले साल बांग्लादेश में घटी विशेष परिस्थितियों से जुड़ी है।

शेख हसीना पर भारत का रुख
हसीना को पिछले महीने मानवता के खिलाफ अपराध मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी, जिसके बाद बांग्लादेश ने उनके प्रत्यर्पण की मांग की है। एक कार्यक्रम में जब जयशंकर से पूछा गया कि क्या हसीना भारत में जितनी चाहें उतनी देर रह सकती हैं, तो उन्होंने जवाब दिया: "वह एक खास परिस्थिति में भारत आई थीं और वही परिस्थितियां तय करेंगी कि आगे क्या होगा।" उन्होंने यह भी साफ किया कि भारत हमेशा बांग्लादेश का एक अच्छा पड़ोसी और शुभचिंतक है, और वह पड़ोसी देश में लोकतांत्रिक माहौल मजबूत होते देखना चाहेगा।
 
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा पर पूछे गए सवाल पर जयशंकर ने भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत-रूस संबंध पिछले 70-80 साल से सबसे स्थिर बड़े रिश्तों में रहे हैं।

जयशंकर ने स्पष्ट संदेश दिया: "भारत सभी बड़े देशों से रिश्ते रखता है। किसी भी देश को यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि उसे हमारे फैसलों पर वीटो जैसा असर मिलेगा।" उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि पुतिन की यात्रा से भारत-अमेरिका व्यापार समझौता प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने कहा, "हमारी विदेश नीति की बुनियाद है स्वतंत्र विकल्प और रणनीतिक स्वतंत्रता।"

अमेरिका से व्यापार वार्ता पर राष्ट्रीय हित सर्वोपरि
वर्तमान अमेरिकी प्रशासन के साथ व्यापार समझौते की बातचीत पर, विदेश मंत्री ने भारत का रुख स्पष्ट रखा। उन्होंने कहा कि भारत अपनी शर्तों और राष्ट्रीय हितों के अनुसार ही बातचीत करेगा। जयशंकर ने कहा, "डिप्लोमेसी किसी को खुश करने के लिए नहीं होती, यह देश के हितों की रक्षा के लिए होती है।" उन्होंने जोर दिया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में देश के किसानों, मजदूरों, छोटे कारोबारियों और मध्यम वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर ही आगे बढ़ा जाएगा।

 

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