शिक्षा संस्थानों की संख्या में भारत कहां खड़ा है? चौंकाने वाले आंकड़े

नई दिल्ली

पूरी दुनिया में शिक्षा को विकास की बुनियाद माना जाता है। हर देश यह बात भली-भांति समझता है कि शिक्षित नागरिक ही एक मज़बूत राष्ट्र की नींव रखते हैं। इसी कारण विश्व के सभी राष्ट्र स्कूलों और कॉलेजों का विशाल नेटवर्क तैयार करते हैं। लेकिन एक रोचक और हमेशा चर्चा में रहने वाला सवाल है- आख़िर दुनिया में सबसे ज़्यादा स्कूल और कॉलेज किस देश में हैं? और इस रेस में भारत कहां खड़ा है?

भारत की जनसंख्या और शिक्षा की विशाल जरूरत
भारत दुनिया का सातवां सबसे बड़ा देश और जनसंख्या के मामले में नंबर-1 है। सर्वेक्षण बताते हैं कि भारत की कुल आबादी में लगभग 46.9% लोग 25 वर्ष से कम उम्र के हैं- यानी भारत एक युवा देश है। इतनी बड़ी युवा जनसंख्या को शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए बेहद व्यापक शिक्षण नेटवर्क की आवश्यकता होती है। यही सवाल महत्वपूर्ण बनता है कि क्या भारत के पास इतनी बड़ी शिक्षा-पात्र आबादी को पढ़ाने लायक संस्थान मौजूद हैं?

भारत- दुनिया में सबसे बड़ा शिक्षण नेटवर्क वाला देश
गर्व की बात है कि भारत दुनिया में सबसे ज़्यादा शिक्षण संस्थानों वाला देश है। भारत के बाद अमेरिका और चीन का स्थान आता है। गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार दुनिया में सबसे ज्यादा माध्यमिक विद्यालय (9वीं–12वीं) भी भारत में ही हैं। यहां 139,539 माध्यमिक स्कूल मौजूद हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि भारत शिक्षा को कितना महत्व देता है।

भारत में कुल स्कूलों की संख्या
भारत में लगभग 15 लाख स्कूल संचालित हो रहे हैं- इनमें प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक सभी शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या भारत की विशाल आबादी को शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

भारत के उच्च शिक्षा संस्थान
भारत में उच्च शिक्षा का नेटवर्क भी दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्क में से एक है। देश में:

    12,700 से अधिक उच्च शिक्षा संस्थान
    4,000+ मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय
    (कुछ स्रोतों में 5,000–8,000 विश्वविद्यालयों तक का अनुमान भी मिलता है)

भारत की उच्च शिक्षा दुनिया में अपनी गुणवत्ता के लिए भी प्रसिद्ध है। IITs, IIMs, NITs और IISc बेंगलुरु जैसे संस्थान वैश्विक स्तर पर अपनी उत्कृष्टता साबित कर चुके हैं।

अमेरिका- उच्च शिक्षा का वैश्विक केंद्र

अमेरिका में लगभग 4,000 उच्च शिक्षण संस्थान मौजूद हैं, लेकिन 2023–24 की रिपोर्ट के अनुसार, स्नातक से लेकर पीएचडी तक की डिग्री देने वाले संस्थानों की कुल संख्या 5,819 है। हार्वर्ड, MIT, स्टैनफोर्ड, प्रिंसटन, येल, कोलंबिया जैसी विश्व-विख्यात यूनिवर्सिटीज इसे दुनिया के छात्रों की पहली पसंद बनाती हैं।

चीन- तीसरे स्थान पर विशाल शिक्षा व्यवस्था

चीन भी शिक्षा के मामले में दुनिया के प्रमुख देशों में से एक है। उसके शिक्षा मंत्रालय के अनुसार देश में कुल 3,117 उच्च शिक्षा संस्थान हैं, जिनमें:

    1,308 विश्वविद्यालय और कॉलेज
    1,560 व्यावसायिक एवं तकनीकी संस्थान

सिंघुआ और पेकिंग विश्वविद्यालय दुनिया के श्रेष्ठ शिक्षण केंद्रों में गिने जाते हैं।

admin

Related Posts

रेलवे में बड़ी भर्ती: 312 पदों पर कल खत्म होगा आवेदन, Group D की 22000 भर्तियों के लिए 31 से करें अप्लाई

नई दिल्ली रेलवे भर्ती बोर्ड की आइसोलेटेड पदों की भर्ती के लिए कल 29 जनवरी 2026 ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि है। रेलवे आइसोलेटेड भर्ती के तहत 312 पदों पर…

10वीं-12वीं पास बेरोजगार युवाओं की सुरक्षा अधिकारी पदों पर भर्ती शुरू

भारतीय सुरक्षा दक्षता परिषद नई दिल्ली और एसआईएस सिक्योरिटी ट्रेनिंग सेंटर उदयपुर की ओर से सुरक्षा जवान, सुरक्षा सुपरवाइजर एवं सुरक्षा अधिकारी पदों के लिए भर्ती शिविरों का आयोजन 24…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति