नौकरी का बड़ा ऐलान! 21,000 फ्रेशर्स की भर्ती, सैलरी 21 लाख तक—देखें योग्यता

देश की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक इंफोसिस ने फ्रेशर्स की एंट्री लेवल सैलरी बढ़ा दी है. कंपनी अब स्पेशलाइज्ड टेक्नोलॉजी रोल्स के लिए फ्रेशर्स को सालाना 21 लाख रुपये तक का पैकेज ऑफर कर रही है. यह भारतीय आईटी सेक्टर में फ्रेशर्स को मिलने वाली सबसे ज्यादा सैलरी में से एक है.

रिपोर्ट के मुताबिक, इंफोसिस 2025 में ग्रेजुएट होने वाले छात्रों के लिए ऑफ-कैंपस हायरिंग ड्राइव की तैयारी कर रही है. कंपनी अगले साल तक 21 हजार फ्रेशर्स की भर्ती करेगी. इन्हें 7 लाख रुपये से लेकर 21 लाख रुपये तक के पैकेज पर नौकरी दी जाएगी.

किसे कितनी सैलरी मिलेगी?

कंपनी ने सैलरी स्ट्रक्चर को रोल के हिसाब से चार स्लैब में बांटा है. यह हायरिंग मुख्य रूप से ‘स्पेशलिस्ट प्रोग्रामर’ और ‘डिजिटल स्पेशलिस्ट इंजीनियर’ जैसे पदों के लिए हो रही है.

    स्पेशलिस्ट प्रोग्रामर L3 (ट्रेनी): इस रोल के लिए चुने गए फ्रेशर्स को 21 लाख रुपये सालाना का पैकेज मिलेगा.
    स्पेशलिस्ट प्रोग्रामर L2: इस लेवल पर सेलेक्ट कैंडिडेट को 16 लाख रुपये का पैकेज दिया जाएगा.
    स्पेशलिस्ट प्रोग्रामर L1: इस कैटेगरी के फ्रेशर्स को 11 लाख रुपये सालाना की सैलरी मिलेगी.
    डिजिटल स्पेशलिस्ट इंजीनियर (ट्रेनी): इस रोल के लिए फ्रेशर्स को 7 लाख रुपये का पैकेज ऑफर किया जा रहा है.

इन रोल्स के लिए BE, BTech, ME, MTech, MCA और इंटीग्रेटेड MSc की डिग्री वाले छात्र अप्लाई कर सकते हैं. कंपनी मुख्य रूप से कंप्यूटर साइंस, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) और इलेक्ट्रॉनिक्स (ECE, EEE) ब्रांच के छात्रों को मौका दे रही है.

AI पर फोकस, इसलिए बढ़ी सैलरी

इंफोसिस ग्रुप के CHRO शाजी मैथ्यू ने बताया कि ज्यादा सैलरी ऑफर करने के पीछे कंपनी की ‘AI-फर्स्ट स्ट्रैटेजी’ है. उन्होंने कहा, “हम कैंपस और ऑफ-कैंपस दोनों तरह से शुरुआती करियर वाली हायरिंग कर रहे हैं. हमने स्पेशलिस्ट प्रोग्रामर ट्रैक में अवसर बढ़ाए हैं, जहां पैकेज 21 लाख रुपये तक जाता है.” कंपनी को नई टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम करने के लिए स्किल्ड प्रोफेशनल्स की जरूरत है.

10 साल में CEO की सैलरी 835% बढ़ी, फ्रेशर्स की सिर्फ 45%

इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स के लिए कम शुरुआती सैलरी लंबे समय से चिंता का विषय रही है. एक एनालिसिस के मुताबिक, वित्त वर्ष 2012 से 2022 के बीच आईटी कंपनियों के CEOs की मीडियन सैलरी 835% बढ़ी है. यह 3.37 करोड़ रुपये से बढ़कर 31.5 करोड़ रुपये हो गई.

वहीं, इसी दौरान फ्रेशर्स की सैलरी में सिर्फ 45% की बढ़ोतरी हुई. यह 2.45 लाख रुपये से बढ़कर 3.55 लाख रुपये तक पहुंची. ऐसे में इंफोसिस का यह नया ऑफर फ्रेशर्स के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है.

इस साल 21,000 फ्रेशर्स को नौकरी देने का टारगेट

जहां एक तरफ कई टेक कंपनियों में छंटनी की खबरें सामने आ रही हैं, वहीं इंफोसिस ने हायरिंग की रफ्तार बढ़ा दी है. कंपनी के CFO जयेश संघराजका ने अक्टूबर में बताया था कि वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में कंपनी ने 12,000 फ्रेशर्स को नौकरी दी है. इस साल कंपनी का कुल टारगेट 21,000 फ्रेशर्स को हायर करने का है.

इंफोसिस ने लगातार पांचवीं तिमाही में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई है. दूसरी तिमाही (Q2) में कंपनी ने 8,203 नए कर्मचारी जोड़े, जिससे कुल वर्कफोर्स बढ़कर 3,31,991 हो गई है.

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