दिग्विजय सिंह का कांग्रेस से पलटवार, कहा- RSS नहीं तो शिवसेना से सीखो, कांग्रेस को दी नसीहत

भोपाल 

BMC यानी बृह्नमुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस में तनातनी जारी है। अब उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाले दल ने कांग्रेस को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से सीख लेने की सलाह दी है। खास बात है कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की तरफ से हाल ही में आरएसएस की तारीफ की गई थी, जिसपर पार्टी के कई नेताओं ने आपत्ति जताई थी।

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा, 'आरएसएस पूरे देश में 60-70 लाख स्वयं सेवकों के माध्यम से देश की सेवा कर रहा है। हालांकि, वो राजनीति में सक्रिय नहीं होते, लेकिन पीछे से राजनीतिक दलों की मदद करते हैं। हम तो यही कहेंगे कि आरएसएस का जो संगठन है, जो अनुशासन है, मातृभूमि के प्रति जो समर्पण है, उससे कांग्रेस को सीखना चाहिए। दिग्विजय सिंह वही बात कर रहे हैं, जो सब बात करते हैं।'

इस दौरान उन्होंने संघ की जमकर तारीफ की। दुबे ने कहा, 'देखिए आरएसएस देश की परंपरा चलाने वाली, धरोहर चलाने वाली सांस्कृतिक संगठन है। तो उसके जैसा कौन बन पाएगा। जो नरेंद्र मोदी जी को उठाकर प्रधानमंत्री बना सकती है संगठन। जो सारे बड़े बड़े हिन्दुत्व के आंदोलन में आगे रहती है। हमारी शिवसेना के भी साथ आंदोलन में भी आरएसएस साथ रहती है।'

उन्होंने कहा, 'ऐसी आरएसएस से कांग्रेस नहीं सीखेगी, तो क्या कांग्रेस से कांग्रेस सीखेगी। जहां खुद ही नहीं पता कि कांग्रेस में क्या अनुशासन है, क्या रणनीति है, क्या उनकी बैठकें हैं, कौन कहां गठबंधन करेगा, कौन क्या बनाएगा। कुछ पता ही नहीं है। सब राम भरोसा चल रहे हो आप।'
दिग्विजय ने क्या कहा

दिग्विजय सिंह ने शनिवार को आरएसएस-भाजपा की संगठनात्मक शक्ति की सराहना करते एक पुरानी तस्वीर साझा की थी। फोटो में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगे की तरफ नीचे बैठे हुए हैं तथा उनके पीछे भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं।

सिंह ने पोस्ट किया, 'कोरा वेबसाइट पर मुझे यह चित्र मिला। बहुत ही प्रभावशाली है। किस प्रकार आरएसएस का जमीनी स्वयंसेवक व जनसंघ भाजपा का कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना। यह संगठन की शक्ति है। जय सियाराम।'

विवाद खड़ा होने पर सिंह ने कहा कि उन्होंने केवल संगठन और इसकी शक्ति की तारीफ की है, अन्यथा वह आरएसएस और मोदी के घोर विरोधी हैं।

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