अमित शाह का मिशन बंगाल, दो दिवसीय दौरे में संगठन और हिंदुत्व के मुद्दे पर होगी जोरदार चर्चा

कलकत्ता

दिल्ली और बिहार की चुनावी जंग फतह करने के बाद बीजेपी का पूरा फोकस 2026 में होने वाले चुनावी राज्यों पर है. अगले साल देश के चार राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं, जिसको लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पूरी तरह से जमीन पर उतर गए हैं और सियासी माहौल तैयार करने में जुट गए हैं.

गृहमंत्री अमित शाह ने 2026 में होने वाले चार राज्यों, असम, पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनाव का दौरे पर निकल पड़े हैं. अमित शाह असम में दो दिनों तक मंथन करने के बाद सोमवार शाम पश्चिम बंगाल पहुंच गए हैं. इसके बाद जनवरी के पहले हफ्ते में तमिलनाडु और उसके बाद केरल का दौरा करेंगे.

पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंचे अमित शाह मंगलवार और बुधवार दो दिनों तक कोलकाता में रहेंगे. इस दौरान अमित बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के साथ-साथ आरएसएस के कोलकाता दफ्तर जाएंगे. इस तरह बंगाल चुनाव को लेकर रूपरेखा तैयार करेंगे.

बंगाल को फतह करने उतरे अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार शाम पश्चिम बंगाल पहुंचे है. अमित शाह के दौरे को बीजेपी के चुनावी अभियान के लिए अहम कड़ी माना जा रहा है. 29 दिसंबर की रात बंगाल पहुंचते ही अमित शाह ने बीजेपी के कोर ग्रुप के नेताओं के साथ बैठक किया, जिसमें चुनावी रणनीति और संगठनात्मक तैयारियों पर मंथन किया गया.

अमित शाह मंगलवार को कोर ग्रुप के अलावा पार्टी के सामान्य नेताओं के साथ भी बैठक करेंगे. इसके बाद शाह कोलकाता में मीडिया से रूबरू होंगे और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे.

मंदिर से संघ दफ्तर तक का शाह करेंगे दौरा

अमित शाह मंगलवार की शाम कोलकाता के प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर में दर्शन करने भी जाएंगे और फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कोलकाता स्थित कार्यालय का दौरा करेंगे. यहां वह संघ के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रसारकों के साथ बंगाल से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर लंबी मंत्रणा करेंगे.

अमित शाह बुधवार को कोलकाता में बीजेपी कार्यकर्ताओं के एक बड़े सम्मेलन को संबोधित करेंगे. इस के जरिए शाह चुनावी राज्य बंगाल के कार्यकर्ताओं में जोश और उत्साह भरने की कोशिश करेंगे. भाजपा सूत्रों के अनुसार, यह दौरा बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

संगठन को मजबूती तो हिंदुत्व को धार

अमित शाह बंगाल में पार्टी की जमीनी हकीकत परखेंगे और रणनीति को धार देने का काम करेंगे. अमित शाह का बंगाल दौरा मुख्य रूप से संगठनात्मक मजबूती पर केंद्रित है. इसीलिए रैलियों के बजाय बंद कमरों की बैठकों (स्ट्रेटेजी मीटिंग्स) को ज्यादा फोकस अमित शाह कर रहे हैं. कोलकाता के साल्ट लेक के सेक्टर पांच में बीजेरी ने एक नई बिल्डिंग किराए पर ली है, जिसे चुनाव का मुख्य मुख्यालय बनाया गया है.

अमित शाह ने सोमवार को बीजेपी के इसी नए ठिकाने पर बंगाल के पार्टी दिग्गजों के साथ 2026 में कमल खिलाने का खाका तैयार करने का काम किया है. बीजेपी इस बार बंगाल चुनाव में 'हिंदू अस्मिता' और बांग्लादेश में हिंदुओं की हो रही हत्या और राजनीतिक हालातों को बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है. ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह का दौरा बंगाल की राजनीति में बीजेपी के आक्रामक रुख का साफ संकेत दे रहा है.

अमित शाह बीजेपी सांसदों और विधायकों के साथ भी अलग बैठक करेंगे. इस दौरे का मकसद केवल चुनाव की तैयारी ही नहीं, बल्कि राज्य के फीडबैक के आधार पर आउटरीच प्रोग्राम को और असरदार बनाना है. इस तरह अमित शाह जमीनी हकीकत को समझते हुए आगे की रणनीति बनाने का काम करेंगे.

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