PoK में दोबारा भड़का विरोध प्रदर्शन, पाकिस्तान सरकार से नाराज़ जनता

नई दिल्ली
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में फिर से शहबाज सरकार के खिलाफ विरोध की भावनाएं धधक रही हैं। पीओके की जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी और सरकार के बीच बातचीत रद्द हो गई है। ऐसे में क्षेत्र में अक्टूबर 2025 के समय में लंबे विरोध और हिंसा के बाद जो शांति आई थी, वह फिर से जा सकती है। सितंबर 2025 में, पीओके में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे, जिस दौरान कई संगठनों ने विकास से जुड़ी कई मांगें रखी थीं। पाकिस्तान सरकार ने दखल दिया और उनकी सभी मांगें पूरी करने पर सहमति जताई थी। हालांकि, अब कमेटी ने सरकार पर दिखावा करने का आरोप लगाया और कहा कि एक भी मांग पूरी नहीं की गई है। कमेटी ने पाकिस्तानी सरकार के साथ किसी भी तरह की बातचीत करने से इनकार कर दिया। ऐसे में एक बार फिर विरोध प्रदर्शन शुरू होने के आसार नजर आ रहे हैं।
एक मूल्यांकन में अनुमान लगाया गया है कि विरोध प्रदर्शन पिछली बार से भी बड़ा होने की संभावना है। यह पहली बार नहीं है, जब पाकिस्तान सरकार अपनी बात से पलटी है। इससे इलाके के लोग बहुत निराश हैं।
पीओके के प्रति सरकार का रवैया वही है जो बलूचिस्तान में देखने को मिलता है। लंबे समय से पीओके और बलूचिस्तान इलाकों के लोग सरकार और सेना के बड़े अधिकारियों पर भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप लगाते आ रहे हैं। उनका कहना है कि उनके संसाधनों का इस्तेमाल करके पाकिस्तान के बड़े शहरों में सभी विकास के काम किए जाते हैं। इन इलाकों में रहने वाले लोगों का आरोप है कि पाकिस्तानी सरकार यहां के विकास को बहुत नजरअंदाज करती है।
संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी ने अक्टूबर में सरकार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते पर हस्ताक्षर करने के दौरान यह तय हुआ था कि कमेटी और सरकार विकास की समीक्षा करने के लिए हर 15 दिन में मीटिंग करेंगे, लेकिन पिछले तीन महीनों में इस सिलसिले में सिर्फ तीन बार बैठकें हुई हैं। इसकी वजह से कमेटी ने सरकार पर दिखावा करने का आरोप लगाया।
इसके अलावा, पाक सरकार ने कई कमेटी सदस्यों के नाम एग्जिट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) से हटाने का भी वादा किया था और भरोसा दिलाया गया था कि उनके खिलाफ एफआईआर वापस ले ली जाएंगी और रिफ्यूजी सीटों से जुड़े मसलों को सुलझाया जाएगा। हालांकि, एक भी मांग पूरी नहीं हुई और अब इससे कमेटी के सदस्य नाराज हैं।
कमेटी का कहना है कि 3 अक्टूबर 2025 के समझौते के बाद से सरकार ने जो कुछ भी किया है, वह सब बेकार है। रिफ्यूजी सीटों के मसलों को सुलझाने के लिए सरकार ने एक कमेटी बनाई थी। हालांकि, कमेटी सिर्फ खास मसलों को ही देखेगी, लेकिन पीओके कमेटी चाहती है कि सभी मसलों को एक साथ सुलझाया जाए।
कमेटी ने आगे कहा कि सिर्फ कुछ कदम उठाने से काम नहीं चलेगा और इस बार वह सरकार के भरोसे पर यकीन नहीं कर रही है। वहीं, भारतीय अधिकारियों का कहना है कि ये हालात हैरान करने वाले नहीं हैं और पीओके के मामले में पाकिस्तान का हमेशा यही रुख रहा है।
अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर मसलों को तत्काल नहीं सुलझाया गया, तो विरोध प्रदर्शन तेज हो सकते हैं और भारत में भी इसके फैलने से इनकार नहीं किया जा सकता।
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तानी सेना ही सब कुछ तय करती है। उसने इलाके में बिचौलियों से निपटने के लिए कई सेवानिवृत्त सेना अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है। उन्हें पीओके में मौजूद संसाधनों का इस्तेमाल करने का काम सौंपा गया है।
लोगों ने इन अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि वे सारा फंड पाकिस्तान के मुख्य हिस्सों में भेज रहे हैं, जबकि इलाके में कोई सुधार नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा, इन संसाधनों से मिलने वाला बहुत सारा फंड सेना के अधिकारी हड़प लेते हैं। इन अधिकारियों पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इन मुद्दों ने सेना के अंदर भी हलचल मचा दी है।
हाल ही में, गार्डियंस ऑफ ऑनर के एक लेटर में असीम मुनीर पर नाकाबिलियत, जुल्म और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था। एक अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान सरकार लंबे समय से झूठे भरोसे देकर पाकिस्तान के लोगों से झूठ बोलती आ रही है। यह बस कुछ ही समय की बात है, जब पीओके के हालात पाकिस्तान में बैठे लोगों के कंट्रोल से बाहर हो जाएंगे।

  • admin

    Related Posts

    हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

    नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

    हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति