सिंधिया बोले:

शिवपुरी
 केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक बड़ा बयान चर्चा में आ गया है। जाति को लेकर दिया ये बयान काफी सुर्खियां बटोर रहा है। दरअसल  जाटव समाज से दिल का रिश्ता बताते हुए सिंधिया ने बयान दिया है। सिंधिया ने कहा कि  खून और दिल से लो खुद को जाटव समाज का ही मानते हैं।

दरअसल केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शनिवार को शिवपुरी में कई कार्यक्रमों में शामिल हुए।  वे पिछोर के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में पहुंचे। तहसील मोहल्ला स्थित उप डाकघर पहुंचकर सिंधिया ने कहा कि अब मेरा डाकिया हर सामान की डिलीवरी का काम करेगा।

इसी दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बस स्टैंड पर जाटव समाज के सम्मेलन को संबोधित किया।  इसी मौके पर सिंधिया ने जाटव समाज के साथ अपने दिल के रिश्ते  का खुलासा किया। सिंधिया ने कहा कि भले ही वो जाटव समाज में जन्मे तो नहीं हैं, लेकिन खून और दिल से जाटव समाज का ही हूं। सिंधिया का ऐसा बोलते ही लोगों ने जोरदार तालियों बजाईं। ये बयान भी काफी चर्चित हो रहा है। जाति के संबंध में की गई इस अहम टिप्पणी पर काफी चर्चा हो रही है।

जाटव समाज के इस सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संत रविदास के व्यक्तित्व का भी गुणगान किया। सिंधिया ने कहा कि रविदासजी ने 200 साल पहले ही विश्व के कल्याण के लिए अपनी सोच से अवगत कराया था। संत रविदास ने ही कहा कि कोई इंसान जन्म से पिछड़ा नहीं, बल्कि कर्म से पिछडा़ होता है।

सिंधिया ने जाटव समाज को बताया अपना

जाटव सम्मेलन में सिंधिया ने जाटव लोगों से दिल का रिश्ता बताते हुए भावुक और दिल को छू लेने वाली टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पिछोर में मोदी, मोहन और महाराज का जादू चल रहा है। यहां के विकास कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति