कान्हा से वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व के लिये नर बाघ रवाना

भोपाल
वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम कान्हा टाइगर रिज़र्व से एक नर बाघ को 18 जनवरी को सुरक्षित रूप से वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व (नौरादेही) के लिए रवाना कर दिया गया है।

नर बाघ को पेंच टाइगर रिजर्व के रूखड़ परिक्षेत्र, सिवनी से रेस्क्यू किया गया था। उस समय बाघ शावक की उम्र लगभग 4 से 5 माह थी। इसके पश्चात बाघ को कान्हा टाइगर रिज़र्व के मुक्की स्थित घोरेला रिवाइल्डिंग बाड़ा में पालन-पोषण कर प्राकृतिक शिकार एवं स्वतंत्र विचरण के लिये प्रशिक्षित किया गया। वर्तमान में बाघ की उम्र लगभग 33 से 35 माह है तथा वह पूर्णतः स्वस्थ एवं जंगल में स्वतंत्र जीवन के लिए सक्षम पाया गया है। विशेषज्ञ परामर्श के आधार पर यह निर्णय लिया गया कि बाघ को ऐसे संरक्षित क्षेत्र में छोड़ा जाए जहाँ बाघों का घनत्व कम हो और पर्याप्त आवास उपलब्ध हो।

बाघ को वन्यप्राणी चिकित्सकों एवं वैज्ञानिकों द्वारा निश्चेत कर उसके शरीर के आवश्यक जैविक मापदंडों को विधिवत रूप से अभिलेखित किया गया। विशेषज्ञों की सतत निगरानी में तथा निर्धारित मानक प्रोटोकॉल के अनुरूप बाघ का सेटेलाइट रेडियो कॉलर पहनाकर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व (नौरादेही) में सुरक्षित स्थानांतरण किया गया। टाइगर रिज़र्व में बाघ के दीर्घकालीन संरक्षण के लिये प्राकृतिक एवं अनुकूल आवास उपलब्ध है, जिससे वह स्वाभाविक रूप से स्वतंत्र विचरण कर सकेगा।

यह प्रक्रिया क्षेत्र संचालक, कान्हा टायगर रिजर्व श्री रवीन्द्र मणि त्रिपाठी के मार्गदर्शन में सम्पन्न की गई। इस पूरे स्थानांतरण प्रक्रिया के दौरान उप संचालक (कोर) श्री पुनीत गोयल, उप संचालक (बफर) सुश्री अमीथा के.बी, वन्यप्राणी चिकित्सक, कान्हा टाइगर रिजर्व डॉ. संदीप अग्रवाल, राज्य वन अनुसंधान संस्थान, जबलपुर डॉ. अनिरूद्ध मजूमदार एवं अन्य विशेषज्ञ दल तथा अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपलब्ध रहे।

 

  • admin

    Related Posts

    अमृत मंथन–2026 : अमृत 2.0 परियोजनाओं की प्रगति को लेकर राज्य स्तरीय कार्यशाला हुई

    भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा अमृत 2.0 मिशन अंतर्गत प्रदेश के नगरीय निकायों में संचालित जलप्रदाय एवं सीवरेज परियोजनाओं को गति प्रदान करने के उद्देश्य से “अमृत मंथन–2026”…

    वंदे मातरम् गीत और बिरसा मुण्डा के संघर्ष ने स्वतंत्रता आंदोलन को दिया जनाधार : राज्यपाल पटेल

    राज्यपाल राष्ट्रीय चेतना के दो स्वर विषय पर आयोजित संगोष्ठी में हुए शामिल भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा का जमीनी, जन-आधारित संघर्ष और ‘वंदे…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी

    कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी

    क्या आप सही तरीके से पढ़ते हैं हनुमान चालीसा? जानिए 10 जरूरी नियम और आम भूलें

    क्या आप सही तरीके से पढ़ते हैं हनुमान चालीसा? जानिए 10 जरूरी नियम और आम भूलें

    गरुड़ पुराण के अनुसार अंतिम संस्कार में 5 प्रकार के लोग नहीं कर सकते भागीदारी

    गरुड़ पुराण के अनुसार अंतिम संस्कार में 5 प्रकार के लोग नहीं कर सकते भागीदारी

    वसंत पंचमी 2026: करियर को मिले रॉकेट जैसी रफ्तार, अपनाएं ये 5 खास उपाय

    वसंत पंचमी 2026: करियर को मिले रॉकेट जैसी रफ्तार, अपनाएं ये 5 खास उपाय

    आज का दिन कैसा रहेगा? 19 जनवरी का संपूर्ण राशिफल

    आज का दिन कैसा रहेगा? 19 जनवरी का संपूर्ण राशिफल

    घर के मंदिर में न रखें ये मूर्तियां, धन हानि का संकेत

    घर के मंदिर में न रखें ये मूर्तियां, धन हानि का संकेत