भोजशाला में पूजा का मामला सर्वोच्च अदालत में, 22 जनवरी को SC करेगा सुनवाई

धार
मध्यप्रदेश के धार की भोजशाला में पूजा का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। बसंत-पंचमी पर दिनभर पूजा की मांग करते हुए कोर्ट में याचिका लगाई गई है। हिंदू पक्ष ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में ये याचिका लगाई। इस पर 22 जनवरी को सुनवाई होगी। भोजशाला में बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजन उत्सव आयोजित किया गया जाता है। इस दिन शुक्रवार होने से यहां नमाज भी होगी जिसके चलते दोनों पक्षों में टकराव की स्थिति बन चुकी है। इस माहौल को देखते हुए धार और भोजशाला परिसर में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

भोजशाला में वसंत पंचमी के अवसर पर हिंदू सरस्वती पूजा करते हैं जबकि शुक्रवार को यहां मुस्लिमों को नमाज की भी इजाजत है। इस बार वसंत पंचमी 23 जनवरी को शुक्रवार के दिन पड़ रही है जिससे दोनों पक्षों में विवाद पैदा हो गया है। हिंदू पक्ष वसंत पंचमी को पूरे दिन अखंड सरस्वती पूजा की अनुमति मांग रहा है। अब इसके लिए देश की शीर्ष अदालत में याचिका दायर की गई है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से मंगलवार को याचिका दाखिल की गई। सुप्रीम कोर्ट ने इसे स्वीकार कर लिया है। हरिशंकर जैन के सहयोग से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने याचिका दायर की है।
 
भोजशाला में जुमे की नमाज पर रोक लगाने की मांग की
याचिका में कहा गया है कि 23 जनवरी को वसंत पंचमी है। इस दिन भोजशाला में परंपरागत रूप से सरस्वती पूजा की जाती है। यहां वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजन के लिए केवल हिंदू समाज को ही अनुमति दी जाए। दिनभर पूजा ही चले। याचिका में शुक्रवार के दिन भोजशाला में जुमे की नमाज पर रोक लगाने की भी मांग की गई है। याचिका पर कार्यक्रम के एक दिन पहले यानि 22 जनवारी को सुनवाई की जाएगी।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति