श्रावक संस्कार शिविर में शामिल होने वाले 10 दिन तक केवल धोती और गमछा में रहेंगे

सागर

 सागर में पहली बार श्रावक संस्कार शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जो निरपायक मुनि सुधासागर जी महाराज के सानिध्य में भाग्योदय तीर्थ क्षेत्र में होगा। इसमें देश-विदेश के 5 हजार शिविरार्थी शामिल होकर आत्मसाधना करेंगे। अब तक 13 राज्यों में हुए 30 शिविरों में अधिकतम साढ़े तीन हजार लोग शामिल हुए हैं, लेकिन सागर में एक नया कीर्तिमान रचा जाएगा।

श्रावक संस्कार शिविर में शामिल होने वाले लोग 10 दिन तक केवल धोती और गमछा में रहेंगे। वे न तो परिवार वालों से बात कर सकेंगे, न मोबाइल फोन रख सकेंगे और न ही उनके पास पैसे होंगे। उनके भोजन की व्यवस्था जैन समाज के लोग साधुओं की तरह आहार कराने के लिए अपने घर लेकर जाएंगे। आत्मसाधना करने वाले लोगों को अगर कोई लेने के लिए नहीं आता है तो उन्हें भूखा भी रहना पड़ेगा। इस शिविर में शामिल होने के लिए कई करोड़पति और अरबपति भी नामांकन करवा रहे हैं।

शिविर का उद्देश्य है भारतीय संस्कृति के अनुरूप जीवन जीने, संयम के साथ सात्विक भोजन, सामाजिक और राष्ट्रीय मूल्यों के साथ आत्मकल्याण के प्रशिक्षण के लिए आयोजन करना।

वर्षा कालीन चातुर्मास समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र जैन ने बताया कि भाग्योदय तीर्थ में विराजमान मुनिश्री सुधासागर के ससंघ सानिध्य में सागर के इतिहास में पहली बार 31वें श्रावक संस्कार शिविर का दस दिवसीय आयोजन किया जा रहा है। पर्वराज पर्यूषण पर्व के अवसर पर ऋषिपंचमी 8 सितंबर से 17 सितंबर तक मुनि संघ के सानिध्य में आयोजित किया जा रहा है। जैन समाज ने इसकी तैयारी भव्य तरीके से की है, पश्चिम बंगाल और राजस्थान के कारीगरों द्वारा राज महल की तरह एक भव्य पंडाल बनाया गया है।

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