छत्तीसगढ़-रायपुर में महिला कांग्रेस के हल्लाबोल में पुलिस से जमकर हुई झूमाझटकी

रायपुर.

इन दिनों छत्तीसगढ़ कांग्रेस लगातार धरना प्रदर्शन कर रही है। महिला सुरक्षा को लेकर महिला कांग्रेस ने मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया। इस दौरान पुलिस ने कांग्रेस नेत्रियों को बैरिकेड्स लगाकर रोका। इस पर पुलिस और कांग्रेसियों के बीच जमकर धक्कामुक्की और झूमाझटकी देखने को मिली। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और महिला कांग्रेस अध्यक्ष फूलो देवी नेताम सहित बड़ी संख्या में महिलाये मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने निकलीं, जिन्हें पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता जमकर नारेबाजी करते रहे।

इससे पहले पुराने कांग्रेस भवन के सामने सैकड़ों की संख्या में महिलाएं एकत्र हुईं। कई कार्यकर्ता दुष्कर्म पीड़िता बनकर पहुंची थीं। इसके बाद राजीव चौक से सीएम हाउस की तरफ बढीं, जिन्हें पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। अगली कड़ी में कांग्रेस 11 सितंबर को पूरे प्रदेश में प्रेसवार्ता कर सरकार की कमियों को जनता से गिनायेगी। इसी तरह 12 सिंतबर को फिर इसी मुद्दे को लेकर जिला मुख्यालयों में भाजपा सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेगी। इन दोनों कार्यक्रमों को लेकर कांग्रेस संगठन में जोरों पर तैयारी चल रही है।
कांग्रेस का कहना है कि जिस तरह से सरकार की कमियों को लेकर लगातार सरकार के सांसद, दो बार के सांसद सरकार को पत्र लिखे हैं कि हमने जुमला पत्र में बिन्दुवार उल्लेख किया है, लेकिन पूरा नहीं हुआ है। सरकार को चेतावनी भी दी है कि ये मांग को तत्काल पूरा करें। सरकार के वर्तमान विधायक बढ़ते अपराध को लेकर सरकार को चिट्ठी लिखते हैं कि अपराध बढ़ रहे हैं। अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है, इसलिये मेरे क्षेत्र में सीसीटीवी लगाया जाये। अपराध चरम पर है। इस सरकार को पत्र लिखने को मजबूर हैं। सरकार में मंत्री रहे वर्तमान सांसद है बृजमोहन अग्रवाल मीटिंग में  और पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने भी भरी मीटिंग में सरकार से अपराध को लेकर सवाल किया है।
कांग्रेस संचार विभाग के चेयरमैन सुशील आनंद शुक्ला ने बताया कि दो दिन पहले वर्तमान सांसद बृजमोहन अग्रवाल  मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बताया कि सरकार को प्रदेश में सीमेंट का रेट 50 रुपये बढ़ाया गया है, उसे वापस लेना चाहिये। सिर्फ कांग्रेस नहीं सरकार पक्ष के सांसद और विधायक ने भी सरकार से कानून व्यवस्था को लेकर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहे हैं। एक तरफ तो सरकार दावा करती है कि इतने लाख लोगों हमने प्रधानमंत्री आवास स्वीकृति किये। दूसरी तरफ आम जनता गरीब जनता को लूटने का काम कर रही है। मैं पूछना चाहता हूं इस सरकार से क्या हमारे पास सीमेंट बनाने के लिये रॉ मटेरियल दूसरे प्रदेशों से लाना पड़ता है कि आप मनमाने तरीके से रेट बढ़ा रहे हैं। जबकि हमारे प्रदेश में रॉ मटेरियल की कमी नहीं है सीमेंट बनाने के लिये। बिजली हम यही पैदा करते हैं। कच्चा माल हमारे पास उपलब्ध है उसके बाद भी 50 रुपये सरकार ने किस लिए बढ़ाया? इसका जवाब सरकार से आना चाहिये।

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