मुंबई सिटी ने दो गोल से पिछड़ने के बाद मोहन बागान को बराबरी पर रोका

कोलकाता
मोहन बागान सुपरजायंट्स को इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) फुटबॉल के मौजूदा सत्र के शुरुआती मुकाबले में मुंबई सिटी एफसी के खिलाफ शुक्रवार को यहां रक्षात्मक रवैया अपनाने का खामियाजा 2-2 के ड्रॉ परिणाम से भुगतना पड़ा।

मुंबई सिटी एफसी के अनुभवी खिलाड़ी जोस लुइस एस्पिनोसा अरोयो (टिरि) के आत्मघाती गोल से मोहन बागान ने नौवें मिनट में बढ़त कायम कर ली। कोलकाता की टीम के लिए पदार्पण कर रहे अल्बर्टो रोड्रिग्ज ने मैच के 28वें मिनट में गोल कर टीम को 2-0 से आगे कर दिया।

भारी बारिश के बीच मैच के दूसरे हाफ में मोहन बागान ने रक्षात्मक रवैया अपनाकर गोल खाने से बचने पर ध्यान दिया लेकिन टिरि ने 70वें मिनट में अपनी पूर्व टीम के खिलाफ गोल कर मैच में मुंबई सिटी की वापसी करा दी। मैच के 87वें मिनट में मैदान पर उतरे मुंबई के स्थानापन्न खिलाड़ी थाएर क्राउमा ने तीन मिनट में अंदर (90वां मिनट) गोल कर मोहन बागान को अंक साझा करने पर मजबूर कर दिया।

 

admin

Related Posts

AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति