राजस्थान-सिरोही के आबूरोड में 10 करोड़ की लागत से बनेगा खेल स्टेडियम

सिरोही.

केंद्रीय श्रम, रोजगार एवं युवा मामले तथा खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि खेलो इंडिया के तहत खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए आबूरोड में 10 करोड़ की लागत से खेल स्टेडियम बनेगा। इससे खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा छिपी प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा। वे एक दिवसीय यात्रा पर यहां पहुंचे थे।

भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष मनीष परसाई ने बताया कि केंद्रीय मंत्री मांडविया दिल्ली-अहमदाबाद राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन से आबूरोड पहुंचे थे। एक निजी होटल में अभिनंदन के बाद पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से बातचीत कर रहे थे। यहां से समीपवर्ती गुजरात के अमीरगढ़ में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद अहमदाबाद के लिए प्रस्थान कर गए। इस दौरान जिलाध्यक्ष सुरेश कोठारी ने बताया कि आबूरोड सिरोही जिले का सबसे बड़ा शहर है। यहां पर स्टेडियम नहीं होने से प्रतिभाओं का पूर्णरूप से विकास नहीं हो पा रहा है। आबू रोड एक ग्रामीण क्षेत्र है तथा आसपास के गांव के बच्चों को अगर खेलों में सुविधाएं ओर उपकरण मिले तो वे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अमिट छाप छोड़ सकते है। इस दौरान जिलाध्यक्ष द्वारा खेल मैदान के लिए आबूरोड सांतपुर स्तिथ आईटीआई रोड पर 7.5 बीघा जमीन स्थित है जोकि क्रीड़ा विभाग के अधीन है। इस पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्टेडियम बनाने का सुझाव दिया गया। इस दौरान कोठारी का कहना था कि ये जगह आबूरोड शहर से 5 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके समीप ही 2  छात्रावास भी है जो बालक व बालिका वर्ग के अलग अलग है। वहां पर बच्चों को तीरंदाजी सहित अन्य खेलों का प्रशिक्षण दिया जाता है। सांसद लुंबाराम चौधरी ने कहा कि सिरोही में खेल का स्तर बहुत कम है। यहां प्रतिभा तो बहुत है पर उस छुपी हुई प्रतिभा को निखारने का कार्य करना होगा। यहां के लोग तीरंदाजी एवं तैराकी में निपुण है, अगर उन्हें सही प्रशिक्षण एवं उपकरण की व्यवस्था के साथ तकनीकी गुण सिखाए जाए तो यहां के बच्चे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का ही नहीं पूरे भारत का नाम रोशन कर सकते है। इस पर खेलमंत्री मनसुख मंडविया ने कहा पूरे देश मे खेल की प्रतिभा 80 प्रतिशत गांवों से ही मिलती है। आबूरोड व उसके जिले के खिलाड़ियों के लिए उनकी छिपी प्रतिभा को सामने लाने के लिए जल्दी ही खेल स्टेडियम के लिए खेलो इंडिया के तहत 10 करोड़ रुपए के बजट की स्वीकृति की घोषणा की।

यहां के बच्चे भी अब अपने जिले ओर प्रदेश का नाम रोशन कर पाएंगे। मंत्री ने कहा 'खेलो इंडिया' कार्यक्रम को हमारे देश में खेले जाने वाले सभी खेलों के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार करके जमीनी स्तर पर भारत में खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने और भारत को एक महान खेल राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के लिए शुरू किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक सोच है कि खेलो इंडिया सेंटर पर हमारे जो पूर्व खिलाड़ी हैं उनके अनुभव को काम में लिया जाए और जिलास्तर पर उनकी नियुक्ति कर प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए उस सेंटर को संचालित करने के लिए दिए जाए।

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