बच्चों के लिए चमत्कारी जूस: आयरन की कमी को दूर करने का सबसे अच्छा उपाय

हर मां-बाप को चिंता रहती है कि वो अपने बच्‍चे को किस तरह से पर्याप्‍त पोषण दें। जाहिर सी बात है कि भोजन पोषण का सबसे आसान और उत्तम तरीका है लेकिन कई बार मां-बाप को यह समझ नहीं आ पाता है कि उन्‍हें अपने की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए उसे क्या खिलाना चाहिए।

द रनवीर शो पोडकास्‍ट पर न्‍यूट्रि‍शनिस्‍ट सुमन अग्रवाल ने बताया कि वर्किंग पेरेंट्स किस तरह अपने बच्‍चों खासतौर पर लड़कियों की आयरन की जरूरत को पूरा कर सकते हैं। अगर आप भी कम मेहनत में अपने बच्‍चे की आयरन की आवश्‍यकता को पूरा करना चाहते हैं, तो सुमन अग्रवाल की बताई रेसिपी आपके बहुत काम आएगी।

सुमन अग्रवाल का नुस्‍खा

सुमन ने बताया कि बच्‍चों को मिरेकल जूस दिया जा सकता है। यह जूस टमाटर, अनार, आंवला, गाजर और एक चौथाई चुकंदर से बनता है। इन सभी चीजों का ताजा जूस बनाकर बच्‍चे को रोज सुबह नाश्‍ते में दें। इस जूस को पीने से बच्‍चे को विटामिन सी भी मिलेगा जिससे आयरन के अवशोषण में मदद मिलती है। आइए अब जानते हैं कि इस जूस में इस्‍तेमाल होने वाली चीजों से क्‍या फायदे मिलते हैं।

बच्‍चों के लिए चुकंदर के फायदे

चुकंदर कई तरह के विटामिनों, खनिज पदार्थों और एंटीऑक्‍सीडेंट्स से भरपूर होता है। इससे बच्‍चों के मानसिक और शारीरिक विकास में मदद मिलती है। चुकंदर में आयरन खूब होता है बच्‍चों में खून की कमी होने से रोकता है। इससे शरीर में लाल रक्‍त कोशिकाएं बनती हैं

बच्‍चों के लिए अनार के क्‍या लाभ हैं

बच्‍चों के लिए अनार बहुत फायदेमंद होता है। अनार विटामिन सी और एंटीऑक्‍सीडेंट्स से भरपूर होता है जिससे बच्‍चों की इम्‍युनिटी को मजबूत करने में मदद मिलती है। इससे बच्‍चों को कई तरह के संक्रमण और बीमारियों से लड़ने के लिए ताकत मिलती है और बच्‍चे बीमार भी कम पड़ते हैं।

आंवला खाने से क्‍या होता है

आंवला विटामिन सी का प्रमुख स्रोत है जिससे बच्‍चों की इम्‍युनिटी मजबूत होती है। यह सर्दी, खांसी और फ्लू से रक्षा करता है। आयरन में फाइबर भी होता है जो पाचन तंत्र को मजबूत करता है और कब्‍ज से बचाता है। इससे बच्‍चों की भूख भी बढ़ती है। आंवला बच्‍चों के मस्तिष्‍क के विकास को भी बढ़ावा देता है।

टमाटर खाने के फायदे

टमाटर में विटामिन ए होता है जो आंखों की रोशनी को बढ़ाता है। इसके अलावा इसमें मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट्स बच्‍चों के मस्तिष्‍क के विकास में मदद करते हैं और उसकी याद्दाश्‍त को बढ़ाते हैं।

टमाटर में लाइकोपीन नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स से लड़ता है। यह कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से भी बचाव करता है और बच्चों को स्वस्थ बनाए रखता है।

टमाटर में विटामिन बी और अन्य आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं। इसका सेवन बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से ताजगी और ऊर्जा से भरपूर रखता है।

  • admin

    Related Posts

    चाणक्य नीति के अनुसार: इन पारिवारिक बातों को बाहर बताया तो बिखर सकता है पूरा परिवार

    कूटनीति और जीवन दर्शन के महानायक माने जाने वाले आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी सदियों पहले थीं। चाणक्य नीति केवल राज्य चलाने का शास्त्र…

    AI की रेस में चीन का Kling आगे? जानिए क्यों दुनियाभर में मचा रहा है तहलका

    नई दिल्ली AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से वीडियो बनाने का ट्रैंड इन दिनों काफी चल रहा है। क्रिएटर्स के लिए AI एक जरूरी टूल बन गया है। चीन की कंपनी Kuaishou…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति