कौशलनार इलाके में NIA ने मारा छापा, शाम तक हो सकता है बड़ा खुलासा

नारायणपुर

भाजपा नेता रतन दुबे की हत्या के मामले में फिर एक बार NIA ने छापामारी की है. अबकी बार कौशलनार इलाके में छापा मारा गया है. विधानसभा चुनाव के दौरान रतन दुबे की भरे बाजार में हत्या कर दी गई थी. मामले में जल्द बड़े खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है.

बता दें कि चार नवंबर 2023 को ग्राम कौशलनार साप्ताहिक बाजार में भाजपा नेता रतन दुबे को चुनाव प्रचार कर रहा था. इस दौरान उसकी सरेआम हत्या कर दी थी. नक्सल विरोधी अभियान के तहत 11 दिसंबर 2023 को नारायणपुर पुलिस ने चार संदेहियों को पकड़ा था. इनमें से एक बड़ेनहोड़ पारा कोंगेरा निवासी 40 वर्षीय धनसिंग कोर्राम ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि वह रतन दुबे की हत्या में शामिल था.

घटना की जांच पहले स्थानीय पुलिस कर रही थी. इस साल फरवरी महीने में एनआईए ने रतन दुबे मर्डर केस को अपने हाथ में लिया और जांच शुरू की. मामले में एजेंसी ने पहले ही एक आरोपी धनसिंग कोर्राम के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल कर दिया है.

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति