ईरान के राजदूत ने क्षेत्र में स्थिरता और शांति की बहाली कराने में PM मोदी से हस्तक्षेप करने की मांग की

 नई दिल्ली

ईरान द्वारा इजरायल पर 200 मिसाइलों से हमला करने के बाद पश्चिम एशिया में ना सिर्फ भारी तनाव पसरा हुआ है बल्कि बड़े पैमाने पर भयानक युद्ध की आशंका भी घर कर रही है। इस बीच, भारत में ईरान के राजदूत इराज इलाही ने क्षेत्र में स्थिरता और शांति की बहाली कराने में भारत से हस्तक्षेप करने की मांग की है। ईरानी राजदूत ने कहा, "भारत को इस अवसर का लाभ उठाकर इजरायल को क्षेत्र में अपनी आक्रामकता रोकने और शांति और स्थिरता कायम करने के लिए राजी करना चाहिए।" ईरानी राजदूत ने कहा कि उनके देश और इजराइल के बीच तनाव को सिर्फ भारत ही कम करवा सकता है।

बता दें कि भारत के दोनों देशों से मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। यही वजह है कि ईरानी राजनयिक भारत सरकार से पश्चिम एशिया संकट में शामिल सभी पक्षों से तनाव कम करने और कूटनीति और बातचीत के माध्यम से मुद्दों को हल करने का आग्रह कर रहे हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की थी, जब इजरायली सेना ने हिज्बुल्लाह आतंकियों के खिलाफ अपने उत्तरी पड़ोसी लेबनान में संघर्ष के लिए एक नया मोर्चा खोला था। प्रधानमंत्री मोदी ने तब दो टूक शब्दों में कहा था कि दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

NDTV को दिए एक इंटरव्यू में ईरानी राजदूत ने यह भी कहा कि अगर इजरायल रुकता है, तभी हम भी रुकेंगे। उन्होंने आगे कहा, “ईरान युद्ध नहीं चाहता है। हम क्षेत्र में शांति चाहते हैं, लेकिन यदि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई आंच आती है, तो हमारे पास जवाबी कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है, और हमने ठीक यही किया भी है।”

ईरानी राजदूत ने कहा कि मंगलवार (01 अक्तूबर) को इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइल से किए गए हमले बदले की कार्रवाई का रणनीतिक हिस्सा था। उन्होंने कहा, "यह ईरान की धरती पर हमास प्रमुख इस्माइल हनीयेह की हत्या के जवाब में किया गया पलटवार था। वह हमारे राजकीय अतिथि थे और हमारे देश में इजरायल द्वारा उनकी हत्या कर दी गईी। यह एक राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है और हमारे संविधान के अनुसार, हमें इस तरह के मुद्दे से जवाबी प्रतिक्रिया के साथ निपटना होगा।"

ईरानी राजदूत ने यह स्पष्ट किया कि मिसाइल हमला हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह की हत्या के लिए नहीं किया गया था। उन्होंने कहा, "यहां मुद्दा उलझाया जा रहा है। इजरायल के प्रति हमारी जवाबी कार्रवाई केवल इस्माइल हनीयेह की हत्या के लिए थी, हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह के लिए नहीं। हिजबुल्लाह खुद का ख्याल रख सकता है।" बता दें कि रूस-यूक्रेन जंग में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी पीएम मोदी से रूस को मनाने और युद्धविराम कराने की गुजारिश की थी। इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल कीव की यात्रा पर गए थे।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति