छत्तीसगढ़-दंतेवाड़ा में माओवादियों से लोहा लेने वाले जांबाज जवानों से रूबरू हुए उपमुख्यमंत्री

दंतेवाड़ा.

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि एवं आदि विकास मंत्री रामविचार नेताम एवं वनमंत्री केदार कश्यप आज दंतेवाड़ा पहुंचे। दंतेवाड़ा के कारली स्थित रक्षित केन्द्र के कॉन्फ्रेंस हॉल में उप मुख्यमंत्री शर्मा एवं मंत्रीद्वय ने सुरक्षा बलों के जांबाज जवानों से मुलाकात की और उनके साहसिक और सफल ऑपरेशन की सराहना कर उनका हौसला बढ़ाया।

गौरतलब है कि बीते 04 अक्टूबर को दंतेवाड़ा एवं नारायणपुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र नेन्दूर व थुलथुली में माओवादियों के विरूद्व सुरक्षा बलों के जवानों ने माओवादियों से हुई मुठभेड़ में अपने अदम्य साहस से 31 माओवादियों को मार गिराया था। इस मुठभेड़ में पुलिस बलों द्वारा डीकेएसजेडसी, डीवीसी, पीएलजीए कंपनी नंबर 6 के कई कैडर सहित  18 पुरुष एवं 13 महिला कुल 31 सशस्त्र वर्दीधारी माओवादी को ढेर कर दिया था। इस मुठभेड़ में बड़ी संख्या में नक्सलियों के घायल होने की सूचना है। मारे गए माओवादियों में 25 लाख का इनामी डीकेएसजेडसी एवं पूर्वी बस्तर इंचार्ज नीति उर्फ उर्मिला भी शामिल थी। मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों में से अब तक हुई 15 शिनाख्तगी में डीकेएसजेडसी के अलावा दो कैडर 8 लाख इनामी डीबीसीएम एवं 9 कैडर पीएलजीए कंपनी 6 माओवादियों भी शामिल है। इस घटना में 01 नग एलएमजी, 04 नग एके 47, 06 नग एसएलआर, 03 नग इन्सास, 2 नग थ्री नॉट थ्री सहित अन्य हथियार बरामद हुए। पुलिस बल के जवानों की टीम दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले के सीमावर्ती इलाके में पूर्वी बस्तर डिवीजन, पीएलजीए कंपनी 6, इंद्रावती एरिया कमेटी, प्लाटून 16 इत्यादि के शीर्ष नक्सलियों के आने की सूचना के आधार पर सर्चिग ऑपरेशन के लिए निकले थे। इस संयुक्त टीम में दंतेवाड़ा डीआरजी, नारायणपुर डीआरजी और एसटीएफ शामिल थे। भारी बरसात में उफनते नदी नालों और माड़ की पहाड़ियों को पार कर पुलिस जवानों की टीम नक्सलियों के जमा होने वाले इलाके में पहुंची, और यहां हुई जबरदस्त मुठभेड़ में 31 माओवादियों को मार गिराया। यह सुरक्षा बलों के लिए बहुत बड़ी सफलता है। इस बड़े ऑपरेशन में एक मात्र जवान घायल जवान के अलावा अन्य सभी जवान सुरक्षित रहे। इस अवसर पर पुलिस बल नेतृत्व कर रहे एडिशनल एसपी श्री स्मृतिक राजनाला पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर सभी जवानों को बधाई देते हुए कहा कि मैं केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार की ओर सभी जवानों के लिए शुभकामना संदेश लेकर आया हूूॅ, आपके अदभूत पराक्रम और शौर्य से बस्तर में सुख-शांति फिर से लौटेगी। इस अभियान से आपने देश और दुनिया की सोच बदली है, और मॉ दंतेश्वरी की कृपा इस भीषण मुठभेड़ में किसी भी जवान को कोई हानि नहीं हुई। बस्तर शांति का टापू रहा है, परन्तु कुछ दिग्भ्रमित लोगों के कारण यह की शांति भंग हुई है। हमारे सुरक्षा बल और पुलिस के जवान ऐसे लोगों को नेस्तनाबूद करके ही रहेंगे। यह छत्तीसगढ़ सबसे बड़ा ऑपरेशन रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणाम मिले है। कृषि एवं आदिवासी विकास विभाग मंत्री रामविचार नेताम इस सफल ऑपरेशन को विजय दिवस की संज्ञा देते हुए कहा कि इस सफलता से पूरा देश गौरवान्वित है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि इस सफल ऑपरेशन की चर्चा छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिलों में है। इससे माओवाद मुक्त बस्तर अभियान को एक नयी गति मिली है। इसके लिए सुरक्षा बलों सहित आईजी, डीआईजी तथा कलेक्टर, एसपी सभी बधाई के पात्र है।

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