पर्नो रीका नागपुर में एशिया की सबसे बड़ी माल्ट डिस्टिलरी लगा रही है, 90 हजार किसानों को फायदा होगा

नागपुर
 पीएम मोदी का 'मेक इन इंडिया' अभियान हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। अब भारत माल्ट डिस्टिलरी (Malt Distillery) सेक्टर में भी सरताज बनेगा। जी हां, शीवाज रीगल (Chivas Regal) और एब्सोल्यूट वोदका (Absolut Vodka) बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी पर्नो रिका (Pernod Ricard) भारत में माल्ट डिस्टिलरी एंड मैच्योरेशन फेसिलिटी विकसित करने के लिए 1,785 करोड़ रुपये का निवेश करने वाली है। कंपनी का यह प्लांट महाराष्ट्र में नागपुर के बुटीबोरी में लगने वाला है। इसके लिए कल ही एक पारंपरिक भूमि पूजन समारोह का आयोजन किया गया था।

एशिया की सबसे बड़ी यूनिट होगी

पर्नो रीका के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि नागपुर का बुटीबोरी यूनिट एशिया का सबसे बड़ा माल्ट डिस्टिलरी एंड मैच्योरेशन यूनिट होगा। इस फेसिलिटी को डेवलप करने के लिए अभी करीब 100 करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है। इसमें जमीन की लागत भी शामिल है। इस फेसिलिटी को डेवलप करने के लिए अगले 10 साल में करीब 1785 करोड़ रुपये का निवेश का प्रस्ताव है। इस यूनिट में विश्व स्तरीय माल्ट स्पिरिट के उत्पादन के लिए एंड-टू-एंड क्षमता स्थापित की जाएगी। इसके शुरू होने पर वहां हर साल 13 मिलियन प्योर अल्कोहलिक लीटर का उत्पादन हो सकेगा।

बीते फरवरी में हुआ था एमओयू

बुटीबोरी यूनिट को डेवलप करने के लए पर्नो रिका और महाराष्ट्र सरकार के बीच इसी साल 23 फरवरी को एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर हुआ था। एमओयू पर हस्ताक्षर करने के बाद से, पर्नोड रिका इंडिया ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए भूमि लागत सहित लगभग 100 करोड़ रुपये का निवेश करने का वादा किया था। इसी क्रम में अब उस प्लांट के लिए भूमि पूजन हो चुका है।

90,000 किसानों को होगा लाभ

कंपनी का दावा है कि नागपुर के बुटीबोरी में स्थापित होने वाली माल्ट डिस्टिलरी से 90,000 किसानों को फायदा होगा। क्योंकि वहां भारी मात्रा में जौ (Barley) की खरीद होगी। इससे किसानों को उपज की भरपूर कीमत मिलेगी। कंपनी का कहना है कि यह प्रोजेक्ट महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में कई हजारों लोगों के लिए रोजगार पैदा करेगी। फैक्ट्री में करीब 800 लोगों को तो प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। इसके अलावा ढेरों लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से भी रोजगार मिलेगा।

महाराष्ट्र के सामाजिक विकास में योगदान

पर्नो रिका इंडिया के सीईओ जॉ टूबूल (Jean Touboul) ने कहा, "भूमि पूजन समारोह एक महत्वपूर्ण कदम है जो भारत की विकास के प्रति हमारे अटूट समर्पण को दर्शाता है। इस सुविधा को प्रीमियम स्पिरिट्स के उत्पादन में पर्नोड रिकार्ड की समृद्ध विरासत से लाभ होगा। हमें महाराष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में योगदान करते हुए, इस परिवर्तन में सबसे आगे होने पर गर्व है। हमारा लक्ष्य एक स्थायी भविष्य का निर्माण करना है, जहां भारत वैश्विक परिशुद्धता और स्थानीय जुनून के साथ तैयार किए गए प्रीमियम माल्ट स्पिरिट्स के केंद्र के रूप में उभरे।"

कौन है पर्नो रिका

आप यदि विदेशी शराब के शौकीन हैं तो शीवाज रीगल (Chivas Regal), 100 पाइपर्स और एब्सोल्यूट वोदका (Absolut Vodka) का नाम जरूर सुना होगा। इसे बनाने वाली कंपनी है फ्रांस की कंपनी है पर्नो रिका (Pernod Ricard)। महंगी शराब बनाने वाली यह दुनिया की दूसरी बड़ी कंपनी है। भारत में भी इसका दूसरा स्थान है। आईएमएफएल में इम्पीरियल ब्ल्यू और रॉयल स्टैग इसके बड़े ब्रांड हैं।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति