मोदी को हराने के लिए सबको साथ लेकर चलना होगा, आप अकेले कुछ नहीं कर पाओगे : ओवैसी

हैदराबाद
 ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि ‘धर्मनिरपेक्ष’ पार्टियां चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-विरोधी मतों में सेंध लगाने के लिए उन पर (ओवैसी पर) आरोप लगाती थीं, लेकिन हरियाणा में एआईएमआईएम के उम्मीदवारों को न उतारने के बावजूद कांग्रेस कैसे हार गई?

ओवैसी ने कांग्रेस पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा को हराने के लिए ‘पुरानी पार्टी’ को सभी को साथ लेकर चलना होगा।

तेलंगाना के विकाराबाद में  एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने (भाजपा) हरियाणा कैसे जीत लिया? मैं वहां नहीं था। वरना वे ‘बी टीम’ कहते… वे वहां हार गए। अब आप ही बताइए, वे किसके कारण हारे?’’

ओवैसी ने कहा, ‘‘मैं पुरानी पार्टी (कांग्रेस) से कहना चाहूंगा कि मेरी बात समझिए, मोदी को हराने के लिए सबको साथ लेकर चलना होगा। आप अकेले कुछ नहीं कर पाओगे।’’

भाजपा ने हरियाणा में सत्ता-विरोधी लहर को मात देते हुए लगातार तीसरी बार शानदार जीत हासिल की और कांग्रेस की वापसी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। हरियाणा में भाजपा ने 90 विधानसभा सीट में से 48 सीट जीतीं, जो सरकार बनाने के लिए 46 के जादुई आंकड़े से कहीं अधिक है।

 

admin

Related Posts

अजित पवार की मौत पर सियासत तेज: ममता बोलीं– सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच, भरोसा खत्म

कोलकाता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दुखद विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे जिले के…

‘अयोध्या से कटियार ही लड़ें’— बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, सियासत में साजिश का आरोप

गोंडा कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि अयोध्या लोकसभा सीट पर पहला हक विनय कटियार का है और उन्हें ही चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने यह…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति