IAS छोड़ महिला ने चुना IPS, खूबसूरती की मामले बॉलीवुड भी पीछे

यूपी के हापुड़ जिले के छोटे से कस्बे पिलखुआ से निकलकर यूपी कैडर की भारतीय पुलिस सेवा IPS की अ​धिकारी बनने तक का सफर तय करने वाली आईपीएस आशना चौधरी की कहानी तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा हो सकती है. करीब ढाई लाख से ज्यादा फॉलोअर्स वाली आशना की कहानी बताती है कि कैसे एक छोटे शहर से निकलकर बड़े ख्वाब देखे भी जा सकते हैं और बीच में आने वाली असफलताओं से डरे व डिगे बिना अपने लक्ष्य को पाया भी जा सकता है.

परिवार ने हर पल दिया साथ
पिलखुवा कस्बे की रहने वाली आशना के पिता डॉ अजीत सिंह एक सरकारी कॉलेज में प्रोफेसर हैं जबकि मां इंदु सिंह ग्रहणी है. बेहद सामान्य परिवार से आने के बावजूद माता-पिता ने आशना के ख्वाबों को पूरा करने के लिए उनके पंखों को मजबूती देने का काम किया. पिलखुआ के सेंट जेवियर स्कूल, उदयपुर के सेंट मैरी स्कूल और गाजियाबाद के दिल्ली पब्लिक स्कूल समेत विभिन्न स्कूलों में पढ़ाई करने भेजा.

दिल्ली लाई लक्ष्य के करीब
इंटर की पढ़ाई करने के बाद आशना दिल्ली पहुंची जहां दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज फॉर वूमेन से इंग्लिश लिटरेचर में स्नातक की पढ़ाई पूरी की. इसी दौरान उन्हें न सिर्फ अपना लक्ष्य करीब भी नजर आया. साउथ एशियन यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के दौरान ही आशना ने यूपीएससी की तैयारी शुरू की. इस दौरान भी वह वंचित बच्चों को शिक्षा प्रदान करने में मदद करने वाले एक एनजीओ के साथ काम करती रहीं.

असफलता नहीं रोक सकी रास्ता
आशना ने 2019 में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करते ही यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी. बिना कोचिंग एक साल की तैयारी के बाद 2020 में अपना पहला अटेम्प्ट दिया लेकिन वह प्रिलिम्स की परीक्षा पास नहीं कर सकी. 2021 में दूसरी बार परीक्षा दी लेकिन इस बार बार सिर्फ ढाई अंकों से प्रिलिम्स में रह गईं. दो बार प्रीलिम्स में असफल रहने के बाद जब वह निराशा और संदेह में ​घिरीं तो परिवार के सदस्यों खासकर पिता ने उन्हें हिम्मत दी और तीसरी बार में वह परीक्षा पास करने में सफल रही.

कमियों को चिह्नित कर किया दूर
आशना ने तीसरी बार परीक्षा देने से पहले अपनी पिछली गलतियों को समीक्षा कर चिन्हित किया और उन्हें दूर कर अपनी तैयारी की रणनीति में सुधार किया. कड़ी मेहनत और सिलेबस को रिवाइज कर मॉक टेस्ट की प्रैक्टिस ज्यादा से ज्यादा करते हुए उत्तर लिखने की प्रैक्टिस कर 2022 की परीक्षा दी और परीक्षा पास की.

आईपीएस को बनाया पहला प्रेफरेंस
आशना ने यूपीएससी की परीक्षा में यूपीएससी की परीक्षा में सभी चरणों में असाधारण प्रदर्शन किया और कुल 2025 में से 922 अंक हासिल कर 116वीं रैंक हासिल की. वह चाहतीं तो आईएएस को प्रेफरेंस में भर सकती थीं लेकिन उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा को पहले प्रेफरेंस दिया.

सोशल मीडिया पर रहती हैं खासी सक्रिय
आशना सोशल मीडिया पर खासी सक्रिय रहती हैं. इंस्टाग्राम पर ही उनके करीब ढ़ाई लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं जहां वह अपने ग्लैमरस लुक और अंदाज के अलावा यूपीएससी करने वाले युवाओं के लिए प्रेरक जानकारी अभी शेयर करती हैं. इसके अलावा यूट्यूब पर भी वह वीडियो पोस्ट कर लोगों को प्रेरित करती हैं.

  • admin

    Related Posts

    रेलवे में बड़ी भर्ती: 312 पदों पर कल खत्म होगा आवेदन, Group D की 22000 भर्तियों के लिए 31 से करें अप्लाई

    नई दिल्ली रेलवे भर्ती बोर्ड की आइसोलेटेड पदों की भर्ती के लिए कल 29 जनवरी 2026 ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि है। रेलवे आइसोलेटेड भर्ती के तहत 312 पदों पर…

    10वीं-12वीं पास बेरोजगार युवाओं की सुरक्षा अधिकारी पदों पर भर्ती शुरू

    भारतीय सुरक्षा दक्षता परिषद नई दिल्ली और एसआईएस सिक्योरिटी ट्रेनिंग सेंटर उदयपुर की ओर से सुरक्षा जवान, सुरक्षा सुपरवाइजर एवं सुरक्षा अधिकारी पदों के लिए भर्ती शिविरों का आयोजन 24…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति