राजस्थान-अलवर में डेंगू से 14 वर्षीय बालक की मौत

अलवर.

जानकारी के अनुसार मृतक बालक के चचेरे भाई बाबूलाल योगी ने बताया कि गिरिराज को 4 दिन पहले अचानक से तेज बुखार हुआ था। जिसको उपचार के लिए थानागाजी लेके गए, जहां 2 दिन तक उपचार चलने के बाद उसकी तबीयत में हलका सुधार आया था। जिसको कल देर शाम घर पर लेकर चले गए थे।

आज सुबह होते-होते उसको दोबारा से अचानक तेज बुखार चढ़ गया और उसके शरीर में सूजन तक आने लग गई, जिसको आज दोबारा थानागाजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया, लेकिन कुछ देर देखने के बाद डॉक्टरों ने बालक कीहालत गंभीर बताते हुए जिला अस्पताल अलवर के लिए रेफर कर दिया। इधर, परिजन जब गिरिराज को अलवर जिला अस्पताल के लिए लेकर आ रहे थे तभी  उसने अस्पताल से महज 5 किलोमीटर पहले ही दम तोड़ दिया। जैसे ही अस्पताल लेकर पहुंचे, वहां चिकित्सकों ने बालक को मृत घोषित कर दिया। बाबूलाल ने बताया कि भाई पहले बिल्कुल ठीक था, लेकिन अचानक से तेज बुखार हो गया था। जब हॉस्पिटल लेकर गये तो वहां काफी जांच के बाद डॉक्टरों ने डेंगू बुखार बताया था। मृतक गिरिराज छठी कक्षा में पढ़ाई करता था जो अपने पिता के इकलौता बेटा था। गिरिराज के एक बहन है, जो उससे छोटी है। गिरिराज के पिता श्रवण योगी खेती बाड़ी करके अपने घर परिवार का जीवन व्यापन करता है। कुल मिलाकर जिले में डेंगू से यह तीसरी मौत है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति